हालांकि ये सच है कि बढ़ती उम्र यानी बुढ़ापे को रोक नहीं सकते है लेकिन इसे कुछ सालों के और टाला जा सकता है। हालांकि उम्र की वजह से ही नहीं अनियमित खानपान व दिनचर्या के कारण कुछ लोगों की स्किन उम्र से पहले ही अधिक उम्र की दिखाई देने लगती है। इसलिए अधिकतर लोग एजिंग के निशान दबाने के लिए एंटीएजिंग क्रीम का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यदि आप अपनी स्किन जवां बनाए रखना चाहते हैं तो हम आपको कुछ योगासन के बारे में बता रहे है जिनकी मदद से आप बढ़ती उम्र में भी आपकी त्‍वचा किसी कमसिन कली से कम नहीं लगेगी।

सिंहासन या लाइन पोज
इस आसन में सिंह के समान गर्जना करना पड़ता है, इसलिए इस आसन को एकांत व शांत स्थान पर करना चाहिए। इसको करने के लिए पैरों को घुटनों से मोड़कर घुटनों को आगे की ओर करके रखें। इसके बाद एड़ियों पर बैठते हुए आगे की ओर झुकें और दोनों हाथों को दोनों घुटनों के बीच उंगलियों को अंदर की ओर हथेलियों को भूमि पर टिकाकर रखें। जैसा की आपको फोटो में दिखेगा कि आपको शेर की तरह बैठना है।इस तरह से आप इस आसन को कर सकते है।
लाभ:सिंहासन से आंखों के लिए बहुत अच्छा है। इससे आंखों की नसों की कमजोरी की समस्या दूर होती है। यह एक तरह का एंटीएजिंग आसन है जो चेहरे की एक्सरसाइज करने के साथ ही चमक बढ़ाता है व त्वचा को कमसिन बनाएं रखता है।

शीर्षासन
शीर्षासन थोड़ा कठिन है लेकिन यदि आप चेहरे को लम्बे समय तक चमकदार और स्वस्थ बनाये रखना चाहते हैं तो यह बहुत कारगर है। चूंकि आप अपने सिर पर खड़े होते हैं इसलिये रक्त संचार नीचे की तरफ होने लगता है और चेहरे की तरफ रक्त संचार बेहतर होता है। गुरूत्वाकर्षण शक्ति का प्रभाव विपरीत दिशा में होने से सिर पर खड़े होने से चेहरे की त्वचा उल्टी दिशा में लटकती है जिससे झुर्रियां गायब हो जाती हैं। उल्टा खड़े होने की स्थिति में ताजा पोषण और ऑक्सीजन चेहरे की तरफ संचारित होते हैं जिससे त्वचा चमकदार हो जाती है। शीर्षासन से सिर नीचे की ओर मुड़ जाता है जिससे चेहरे में चमक आती है और वह ग्‍लो करने लगता है। इससे सिर की ओर पोषण और खून का फ्लो इस प्रकार से होता है कि सिर पर सफेद बाल अपने आप ही काले होने लग जाते हैं।

लाभ: इस आसन के दौरान मस्तिष्क और चेहरे में रक्तप्रवाह तेज होता है। इसके अलावा इससे चेहरे पर झुर्रिया कम हो जाती हैं।

धनुरासन
इस आसन में शरीर धनुष के आकार में होता है। इसे करने से पाचनतंत्र मजबूत होता है और फेफड़ों में ऑक्सीजन का प्रवाह ठीक तरह से होता है। इसे करने के लिए सबसे पहले चटाई पर पेट के बल लेट जाएं। ठुड्डी ज़मीन पर रखें। पैरों को घुटनों से मोड़ें और दोनों हाथों से पैरों के पंजे पकड़ें। फिर सांस भर लीजिए और बाजू सीधे रखते हुए सिर, कंधे, छाती को जमीन से ऊपर उठाएं। इस स्थिति में सांस सामान्य रखें और चार-पाँच सेकेंड के बाद सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे पहले छाती, कंधे और ठुड्डी को जमीन की ओर लाएं। पंजों को छोड़ दें और कुछ देर विश्राम करें। इस प्रक्रिया को कम से कम तीन बार दोहराएं।

लाभ : इससे रक्त से टॉक्सिन्स दूर होते हैं जिससे त्वचा साफ होती है और स्वस्थ रहती है।

 

फेस योगा
फेस योगा से गाल, आंख, चिन, गला और माथे की त्वचा में कसावट आती है और आंखों के नीचे झुर्रियां कम होने लगती है।बढ़ती उम्र का असर चेहरे पर नजर नहीं आता।

फिश पोज
इसके लिए दोनों गालों को अंदर खींचकर चेहरे को लाइक-अ-फिश यानी मछलीनुमा बना लें। इस योग को करने से चेहरे का अतरिक्त फैट कम होता है और यह झुर्रियों को रोकता है साथ ही मांसपेशियों में कसावट लता है।

 

बैलून पोज
इस पोज में मुंह में हवा भरकर करीब 10 सेकंड तक चेहरे को ऐसे ही रहने दें और सांस को रोक कर रखें, भरी हुई हवा को मुंह के अंदर दाएं-बाएं घुमाएं. यह क्रिया 5 बार दोहराएं।

लाभ : इसको करने से चेहरे पर चर्बी नहीं जमा होती, जबड़े की हड्डी को मजबूत बनाता है, खून का संचार बढ़ता है और मुंहासों की समस्या दूर होती है।


जीभ पोज
इस पोज में अपनी सुविधा के अनुसार जीभ को 30 सेकंड तक कसकर बाहर की तरफ निकालें। इस योग को करने से आंखों के नीचे की झुर्रियां कम होती हैं और आंखों को भी लाभ होता है।

 

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