कोरबा
कोरबा में एक बार फिर नोटबंदी जैसा नजारा देखने को मिल रहा है. कैश की किल्लत से लोग तेज धूप में परेशान हो रहे हैं. जिले के सभी एटीएम ड्राई हो गए हैं. अब लोग सीडीएम मशीन में जमा करने वालों का इंतजार करते हैं. जैसे ही कोई कैश जमा करता है उसके पीछे निकालने वालों की लाइन लग जाती है. शहर में पिछले 5 दिन से 95 फीसदी एटीएम के शटर डाउन पड़े हैं. न तो चेस्ट में करेंसी आ रही है न बैंकों में काउंटर से कैश जमा करने वाले पहुंच रहे हैं.

रविवार को तो पूरे शहर में सिर्फ एक एटीएम काम कर रहा था. आज सोमवार को भी सभी एटीएम ड्राई हो चुके हैं. सभी बैंकों की हालत कैश को लेकर खराब है. लीड बैंक भी इसकी कमी पूरा करने में असक्षम साबित हो रहा है. बैंक प्रबंधन शहर के किसी एक एटीएम निहारिका तो कभी टीपीनगर या फिर किसी दिन पावर हाउस या फिर सीतामढ़ी क्षेत्र में कैश अपलोड कर लोगों को गुमराह कर रहा है. इस वजह से लोग पैसे निकालने को भटक रहे हैं.

एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रभास बोस ने बताया कि कोरबा में कैश की किल्लत ज्यादा है. 60 से 70 प्रतिशत एटीएम डाउन है. 30 फीसदी एटीएम कैश की किल्लत पूरे छत्तीसगढ़ के साथ मध्यप्रदेश में भी है. उन्होंने कहा कि लंबे समय से आरबीआई से कैश की आपूर्ति बैंको में नहीं हुई है. कैश की किल्लत दूर करने दूसरे बड़े बैंको से कैश लाया जा रहा है.

अब कैश की किल्लत से निपटने के लिए ज्यादा से ज्यादा कैशलेस ट्रांजेक्शन करने की बात की जाने लगी है. इधर मजदूरों को भुगतान के लिए एटीएम पहुंचे बालकोनगर निवासी निमेश सिंह ने बताया कि एक भी एटीएम में कैश नहीं है इससे छोटे व्यापारी परेशान हो रहे हैं. ऐसे में जिनके घर शादी हो रही है उन्हें ज्यादा परेशानी हो रही है.

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