बेंगलुरु 
इस वक्त कर्नाटक में जहां राजनीतिक दल अपने प्रत्याशियों के नाम फाइनल कर रही हैं। वहीं, चुनाव आयोग के सामने सबसे बड़ी चुनौती राजनीतिक दलों के द्वारा वेडिंग रिसेप्शन के बहाने लंच और डिनर पर नजर बनाए रखना भी है। जनता को नॉन-वेज मील परोसना राजनीतिक दलों के लिए नया नहीं है, विशेषकर मैसूर क्षेत्र में।
 

चुनाव नजदीक आते ही प्रेशर कुकर, साड़ी, पंखा, क्रिकेट किट वगैरह की मांग बढ़ जाती है। चुनाव आयोग द्वारा जब्त की गई चीजों में यह शामिल है। इसके साथ ही चावल की थैलियां और ड्रेस भी शामिल है। स्टेटिक सर्विलांस टीम ने सात किलोग्राम सोना भी बरामद किया। अक्षय तृतीया के मौके पर सोना-चांदी की मांग में भी बढ़ोत्तरी दर्ज की जाती है। अब बदलते ट्रेंड में नेता मटन और चिकन की डिमांड काफी बढ़ गई है। चुनाव के साथ ही शादियों का सीजन आने से यह मांग काफी बढ़ गई है। 

 
कुछ जगहों पर भेड़ों का इस्तेमाल करना प्रतिष्ठा का विषय बन गया है, जिसमें सामने वाले दल को और अधिक इस्तेमाल करने का दबाव बन गया है। इसी तरह मंदिरों में पर्व के बहाने भी राजनेता ग्रामीणों को बुलाकर खाना ऑफर करते हैं। हालांकि इसके लिए कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं दिया जाता है, लोग एक-दूसरे के जरिए ही इस बारे में जान पाते हैं। 

 
सूत्रों के अनुसार कुछ नेता चिकन और मटन को घरों में भी भिजवाते हैं। आने वाले हफ्तों में चिकन-मटन के दामों में बढ़ोत्तरी होने के भी आसार हैं। चुनाव आयोग हर जगह अपनी निगाह बनाए हुए है। 

Source : Agency