नई दिल्ली
 सप्ताह के पहले दिन शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले। शेयर बाजार खुलने के चंद मिनटों में ही इंफोसिस पर इसका सीधा असर दिखा। करीब एक घंटे के भीतर शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों में करीब 6 फीसदी की कमी देखी गई। गिरावट से कंपनी के निवेशकों को मिनटों में 15296.95 करोड़ रुपए का झटका लगा।

बताया जा रहा है कि कंपनी के शेयरों में गिरावट की सबसे बड़ी वजह शुक्रवार को कंपनी के पहली तिमाही के परिणामों की वजह से हुई है। वैसे कंपनी के परिणाम जैसा कि उम्मीद की जा रही थी उसी लाइन पर आए थे।

मुनाफा 28% घटकर 3690 करोड़ रहा
शुक्रवार की शाम वित्त वर्ष 2018 की चौथी तिमाही के लिए आईटी कंपनी इंफोसिस ने अपने परिणाम बताए थे। इसके अनुसार मुनाफा 28 फीसदी घटकर 3,690 करोड़ रुपए हो गया था। चौथी तिमाही में इंफोसिस की आय 1.62 फीसदी बढ़कर 18,083 करोड़ रुपए पर पहुंच गई है। इंफोसिस की डॉलर आय 1.8 फीसदी बढ़कर 280.5 करोड़ डॉलर पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2018 की तीसरी तिमाही में इंफोसिस का मुनाफा 5,129 करोड़ रुपए था। इसी के साथ इंफोसिस ने 20.5 रुपए प्रति शेयर के डिविडेंड का ऐलान किया था।

इंफोसिस 6% तक टूटा
सोमवार के कारोबार में इंफोसिस की शुरूआत गिरावट के साथ हुई। बीएसई पर स्टॉक 5.96 फीसदी गिरकर 1099.30 रुपए के भाव पर खुला। शुक्रवार को स्टॉक 1169 रुपए पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान स्टॉक 5.98 फीसदी गिरकर 1099 रुपए के स्तर पर फिसल गया, जो इंट्रा-डे का लो लेवल है।

18% गिरे यूको बैंक के शेयर 
सार्वजनिक क्षेत्र के यूको बैंक के पूर्व सीएमडी अरुण कौल को 621 करोड़ रुपए के ऋण घोटाला मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद शेयर बाजार करीब 18 फीसदी गिर गए। कौल को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सी.बी.आई.) ने गिरफ्तार किया है। बंबई शेयर बाजार में बैंक के शेयर 20 रुपए पर खुले और कुछ ही देर में 14.31 प्रतिशत गिरकर 52 सप्ताह के निचले स्तर 19.15 रुपए पर आ गए। 

नैशनल स्टॉक एक्सचेंज में इसके शेयर 20.60 रुपए पर खुले और कुछ ही देर में 17.97 प्रतिशत गिरकर 18.25 रुपए पर आ गए। सी.बी.आई. ने 621 करोड़ रुपए के ऋण घोटाला मामले में कौल एवं अन्य लोगों को 14 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। इस घोटाले से बैंक को 737 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। 

Source : Agency