बेंगलुरु
फ्लिपकार्ट जल्द ही अपने सेलर फी स्ट्रक्चर में बदलाव करने जा रही है। इससे किताबों और कपड़ों में खासतौर पर 500 रुपये से कम के ऑर्डर्स सस्ते हो सकते हैं। वहीं, ऐमजॉन भी इस हफ्ते से नए सेलर फी स्ट्रक्चर को लागू करने जा रही है। फ्लिपकार्ट ने पिछले साल नवंबर के बाद इस साल मार्च में सेलर फी में बदलाव किया था। 
फिलहाल कंपनी ने नए सेलर फी स्ट्रक्चर को अंतिम रूप नहीं दिया है, लेकिन इसके जरिए कंपनी 500 रुपये से कम कीमत के प्रॉडक्ट्स की बिक्री बढ़ाना चाहती है। हाल ही में कंपनी ने 300 रुपये से कम कीमत वाले प्रॉड्क्टस पर कई कैटिगरी में सेलर कमीशन घटाया था। कंपनी इन कदमों के जरिए सेलर्स पर सामान के दाम घटाने का दबाव बना रही है। 

कंपनी के नए फी स्ट्रक्चर के तहत 500 रुपये से कम कीमत के प्रॉडक्ट्स पर फिक्स्ड फी कम की जा सकती है। मामले के जानकार एक व्यक्ति ने बताया कि कंपनी 300 रुपये से कम कीमत वाले प्रॉडक्ट्स पर भी सेलर फी घटा सकती है। हालांकि, फ्लिपकार्ट ने इस बारे में पूछे गए सवालों के जवाब नहीं दिए। जानकारों के मुताबिक, कंपनी 300 रुपये से कम कीमत वाले टी-शर्ट, फोन कवर और किताबों पर सेलर्स की फीस कम कर सकती है। इससे पहले ईटी ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि फ्लिपकार्ट अपनी बुक्स कैटिगरी का विस्तार करना चाहती है, इसीलिए कंपनी इस कैटिगरी पर फिर से फोकस कर रही है। फी स्ट्रक्चर के साथ-साथ कंपनी शिपिंग फी में भी बदलाव करेगी। 

ऐमजॉन ने पिछले महीने कई कैटिगरी में सेलर्स फी में बदलाव किए थे। इसके तहत कंपनी ने सेलर्स के लिए लोकल शिपिंग को सस्ता बनाया था ताकि ग्राहकों को सामान तेजी से मिल सके। कंपनी का मानना है कि सामान जल्द मिलने पर उसे बिक्री बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके साथ कंपनी ने क्षेत्रीय और नैशनल शिपिंग कॉस्ट में बढ़ोतरी की थी। कंपनी नया फी स्ट्रक्चर 19 अप्रैल से लागू करेगी। 

कंपनियों के इस कदम को लेकर सेलर्स का कहना है कि दोनों ही कंपनियां लगातार फीस स्ट्रक्चर में बदलाव कर रही हैं क्योंकि वे एक दूसरे के हाथ वेंडर्स नहीं गंवाना चाहतीं। इस पर कुछ सेलर्स का कहना है कि फी में कटौती से उनके लिए कम दाम पर प्रॉडक्ट बेचना संभव होगा। उन्होंने कहा कि फी में कमी का फायदा वे ग्राहकों को देंगे। हालांकि, इस पर ऑल इंडिया ऑनलाइन वेंडर असोसिएशन का कहना है इतने कम समय में बार-बार बिना सेलर्स से सलाह लिए कंपनियां इस तरह के बदलाव कर रही हैं। 

Source : Agency