नई दिल्ली
विष्णु सदाशिवम् कोकजे को विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) का अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है. शनिवार को वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने के लिए मतदान हुए. बताया जा रहा है कि 273 प्रतिनिधियों में से 192 प्रतिनिधियों ने मतदान किया. मतदान सुबह 11:40 बजे से शुरू हुआ और डेढ़ बजे खत्म हो गया. चुनाव नतीजे दोपहर बाद तीन बजे के बाद आ गए.

इस चुनाव प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई. 52 साल में पहली बार हुए इस चुनाव का मकसद तोगड़िया को उखाड़ फेंकना था, जिसमें आरएसएस सफल रहा. शनिवार को हुए चुनाव में विष्णु सदाशिवम् कोकजे को 192 में 131 वोट मिले. वहीं, प्रवीण तोगड़िया के समर्थक राघव रेड्डी को 60 वोट मिले और एक वोट अमान्य रहा.

तोगड़िया ने लगाया फर्जी वोटरों का आरोप

वीएचपी का ये चुनाव इसलिए भी खास रहा, क्योंकि 52 साल बाद पहली बार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुए हैं. साथ ही प्रवीण तोगड़िया के बीजेपी और आरएसएस से रिश्ते के खराब होने के बाद अगले अध्यक्ष पर सभी की निगाहें बनी हुई थीं. चुनाव से पहले तोगड़िया ने आरोप लगाया था कि वीएचपी की वोटर लिस्ट में 40 फर्जी वोटर हैं.

हालांकि परिषद के महामंत्री चंपत राय ने साफ किया कि प्रवीण तोगड़िया के साथ आए कुछ बाहरी लोगों ने वीएचपी के दफ्तर आरके पुरम में आकर धक्का-मुक्की की और चुनाव को बाधित करने का प्रयास किया. उनका आरोप है कि यह इसलिए किया गया, ताकि बाहर से आने वाले लोग भ्रमित हो जाएं और चुनाव में वोट डालने ना आ पाए.

चुनाव की वीडियो रिकॉर्डिंग

वीएचपी के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने बताया कि विश्व हिंदू परिषद में चुनाव 52 साल में पहली बार हुआ. ये चुनाव इसलिए हुआ, क्योंकि एक वर्ग ने संगठन के पद में बदलाव की बात कही और दूसरे वर्ग ने पद छोड़ने से मना कर दिया. जैन ने कहा कि ये कहना गलत होगा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने चुनाव का दबाव बनाया. विश्व हिंदू परिषद एक स्वायत्त संस्था है.

पीएम मोदी के साथ तोगड़िया के रिश्ते

बताया जा रहा है कि पूरे चुनाव पर नजर रखने के लिए संघ के वरिष्ठ अधिकारी भी वहां मौजूद रहे. अभी  तक तोगड़िया विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष और राघव रेड्डी अध्यक्ष थे. दोनों का कार्यकाल पिछले साल ही खत्म हो चुका था. प्रवीण तोगड़िया के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रिश्ते ठीक नहीं चल रहे हैं. समय-समय पर वो मोदी सरकार की आलोचना करते रहे हैं. इसलिए बीजेपी और संघ नहीं चाहते थे कि 2019 को देखते हुए प्रवीण तोगड़िया विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष बने क्योंकि अगर वह अध्यक्ष बन गए होते, तो सरकार के लिए ठीक नहीं होता.

चुनाव से पहले वीएचपी के पदाधिकारी दावा कर रहे थे कि प्रवीण तोगड़िया और राघव रेड्डी गुट की हार तय है. वहीं विश्व हिंदू परिषद के नए अध्यक्ष के रूप में वी कोकजे पहली पसंद बताए जा रहे थे. कहा जा रहा था कि कोकजे की जीत 100 से अधिक वोटों से होगी.

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