बिहार के गया में रहने वाले ‘दशरथ मांझी’ ने अकेले ही पहाड पर से रास्ता बना कर दुनिया के सामने एक अनोखी मिसाल कायम की। वहीं अजीबोगरीब कारनामों के लिए दुनिया भर में मशहूर देश चीन ने भी ऐसी ही सुरंग बनाई। लगभग 40 साल पहले चीन में दुनिया की सबसे खतरनाक सुरंग गुओलियांग को बनाया गया था।

हैरानी की बात है कि 1,200 मीटर लंबी इस खतरनाक टनल को सिर्फ 13 लोगों ने 5 साल की कडी मेहनत के बाद बनाया था। लोगों के लिए इस टनल को 1 मई 1977 को खोला गया था। इसकी दीवारों पर 30 अलग-अलग आकार की खिडकियां हैं और यह लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है। चीन की तैहांग पहाडियों को बीच से तोडकर बनाई गई ये गुओलियांग टनल है। ये दुनिया की सबसे खतरनाक टनल में से एक है।

आज से करीब चालीस साल पहले यहां जिंदगी बहुत मुश्किल थी। इस टनल का निर्माण 1972 में हुआ था। चीन के हेनान प्रांत के ‘गुओ लियान कुन’ गांव में है ये सबसे खतरनाक टनल। इस रास्ते को ‘क्लिफ कॉरिडोर’ भी कहते हैं। इस गांव में 83 परिवार रहते हैं। इससे पहले इस पर सिर्फ पैदल चलने की गुंजाइश थी और ये रास्ता हुइक्सियान, झिनझियांग, हेनान प्रांतों के गांवों को जोडता था। इसकी यात्रा बहुत मुश्किल थी।

करीब 720 खडी पहाडिय़ों पर बने रास्तों को पार करना होता था। रास्ते के बीच-बीच में बनी सीढिय़ां बेहद खतरनाक थी। वो बहुत खडी, संकरी और बिना रेलिंग की थीं।। वो बहुत खडी, सकरी और बिना रेलिंग की थीं। इन परेशानियों को देखते हुए गांव के लोगों ने पहाडियों में टनल खोदने का फैसला किया।

गांव के मुखिया शेन मिंगजिंग ने अपनी बकरियां और दवाइयां बेचकर हथौडा और बाकी औजार खरीदे। 13 लोगों ने इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया और 1,200 मीटर लंबी टनल को खोदने में 5 साल लगे। ये टनल पांच मीटर ऊंची और चार मीटर चौडी थी।

इस टनल के निर्माण में 12 टन की ड्रिल रॉड और 4,000 हथौड़ों का इस्तेमाल हुआ था। 1 मई 1977 में ये टनल खोला गया। टनल की दीवार में 30 अलग-अलग आकार की खिडकियां हैं। ये चीन में पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। ये दुनिया की दस सबसे खडी (ऊंचाई की ओर बढती) सडकों में से एक है।

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