अहमदाबाद। भारत के सबसे बड़े सहकारी संस्थान अमूल के प्रबंध निदेशक डॉ.के.रत्नम ने चेयरमैन रामसिंह परमार से खींचतान के चलते अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। रत्नम पर 5 सौ करोड़ रुपये के घपले का आरोप है। पिछले दिनों उन्होंने चेयरमैन को पत्र लिखकर अपनी सफाई पेश की लेकिन शनिवार को बोर्ड की बैठक में रत्नम से इस्तीफा ले लिया गया।

आणंद के अमूल परिसर में हुई निदेशक मंडल की बैठक में चेयरमैन व पूर्व विधायक रामसिंह परमार, प्रबंध निदेशक डॉ. के. रत्नम व अन्य सदस्य मौजूद थे। डॉ. रत्नम पर पांच सौ करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप हैं। रत्मन ने इस्तीफे से पहले रामसिंह पर मनमानी और बदसलूकी का आरोप लगाया है। गौरतलब है कि रामसिंह दूसरी बार अमूल के चेयरमैन चुने गए हैं।

वह 2012 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए थे। बाद में राज्यसभा चुनाव के दौरान वह भाजपा में शामिल हो गए थे। गत चुनाव उन्होंने भाजपा के टिकट पर लड़ा था, लेकिन वह चुनाव हार गए थे।


 

Source : desk