जालन्धर 
 2001 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी को क्रिकेट फैंस कभी नहीं सकते। यह वहीं ट्रॉफी थी जिसने भारत को दो सुपरस्टार दिए। एक- हरभजन सिंह और दूसरा वीवीएस लक्ष्मण। पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया से दस विकेट से हारने वाली भारतीय टीम ने कोलकाता में खेले गए दूसरे टेस्ट के दौरान धमाकेदार वापसी करते हुए 171 रन से जीत दर्ज की थी। 

यह मैच भारतीय क्रिकेट के हिसाब से इसलिए खास था क्योंकि टीम इंडिया ने यहां फोलोओन मिलने के बावजूद मैच जीत लिया था। इसका सारा श्रेय लक्ष्मण और द्रविड़ की जोड़ी के अलावा हरभजन सिंह को गया था। ऊपर से चेन्नई में जब भारत ने जब तीसरा टेस्ट दो विकेट से जीतकर सीरीज 2-1 से अपने नाम की तो इसपर ऑस्ट्र्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ भी भारत के युवा स्पिनर हरभजन सिंह की तारीफ करने में पीछे नहीं रहे। 

मैच हारने के बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने कहा कि पांचवें दिन हम मैच आसानी से जीत सकते थे या ड्रा भी करवा सकते थे लेकिन हरभजन ने ऐसा होना नहीं दिया। वॉ ने यहां पर हरभजन के लिए टर्बनेटर शब्द का इस्तेमाल किया था जो कि बाद में हरभजन के लिए काफी चर्चित हो गया।

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