मुंबई
टीम इंडिया के पूर्व विकेटकीपर और अब महाप्रबंधक (क्रिकेट संचालन) सैयद सबा करीम भारत में क्रिकेट की प्रगति को लेकर फोकस्ड हैं। हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में सबा करीम ने बताया कि वह भारतीय क्रिकेट का भविष्य कहां देखना चाहते हैं। पेश है उनसे बातचीत के खास अंश...

सोमवार को आप कोच और कप्तानों की मीटिंग में थे। पहली बार सिलेक्शन कमिटी के चेयरमैन एम. एस. के प्रसाद भी इसमें शामिल थे.....
इसका फोकस भारतीय टीम की जरूरतों पर नहीं है। यह इसलिए थी कि हम अपने फास्ट बोलर्स को कैसे सुरक्षित रखें। पिछले दो सालों या इससे थोड़ा ज्यादा समय में टीम मैनेजमेंट ने हमारे 4-5 चोटी के फास्ट बोलर्स को बेहतर ढंग से सुरक्षित रखा है। इसलिए हमने देखा कि हमारे फास्ट बोलर्स को कोई बहुत ज्यादा इंजरी जैसी समस्याएं नहीं हुई हैं।

इसी बात पर वह स्टेट लेवल के कोच और कप्तानों से चर्चा कर रहे थे। हमने पिछले कुछ समय में यह भी देखा है कि कुछ युवा स्पीडस्टार 140-150 किलोमीटर/घंटा की स्पीड से बोलिंग करते हैं। हालांकि जब वह पूरा सीजन खेल लेते हैं, तो उन पर कुछ प्रतिकूल प्रभाव भी पड़ता है। ऐसे में इन समस्याओं से निपटने के लिऐ हमें उनके वर्क लोड को मॉनिटर करने की जरूरत है।

ऐसी भी चर्चा है कि स्टेट असोसिएशंस भी अब भविष्य में अपने खिलाड़ियों के साथ कॉन्ट्रैक्ट करेंगी....
अब समय आ चुका है कि स्टेट असोसिएशंस भी महिला और पुरुष क्रिकेटर्स के लिए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में बीसीसीआई के साथ हाथ मिलाएं।

यहां डे-नाइट टेस्ट पर भी चर्चा हुई है, अक्टूबर में जब वेस्ट इंडीज की टीम भारत दौरे पर आएगी, तो क्या यह उस समय के लिए पाइप लाइन में है?
हम इस पर संभावनाएं तलाश रहे हैं। हमारे पास एक मजबूत कारण है कि हमें डे/नाइट टेस्ट क्यों खेलने चाहिए। अगर आप इसे ग्लोबल नजरिए से देखें, तो दूसरे कई देश हैं, जो डे/नाइट टेस्ट खेलकर हमसे कुछ आगे आ चुके हैं। उन्हें इसमें शानदार रिजल्ट भी मिले हैं। आईसीसी की स्टेटमेंट से भी यह झलकता है कि हम सभी को बैठकर टेस्ट क्रिकेट को बचाने के उपायों पर चर्चा करनी चाहिए। डे/नाइट टेस्ट भी टेस्ट प्रारूप को को बचाने का एक प्रयास हो सकता है।

क्या घरेलू क्रिकेट में किसी नई योजना पर चर्चा हुई है?
अगले सीजन से हम रणजी ट्रोफी नॉकआउट स्टाइल में खेलेंगे, जिममें घर और घर से बाहर का सिस्टम लागू होगा। इस फॉर्मेट पर सभी कोच और कप्तान सहमत दिखे हैं। हम चाहते हैं कि घरेलू क्रिकेट देखने भी ज्यादा से ज्यादा लोग आएं।

भारत A के टूर के लिए क्या योजनाएं हैं?
हम चाहते हैं कि भारत A में भारतीय टीम की छवि दिखे। हम चाहते हैं कि भारत A की टीम भी उसी देश का दौरा करे, जहां बाद में भारतीय टीम का दौरा सुनिश्चित हो। इससे हमारे कुछ खिलाड़ी मुख्य टीम के दौरे से पहले भारत A की ओर खेलकर वहां के हालातों से तालमेल बैठा पाएंगे।

Source : Agency