नई दिल्ली
आज से 17 साल पहले में ईडन गार्डेंस (2001) टेस्ट में वीवीएस लक्ष्मण (281) के साथ रेकॉर्ड 376 रन की साझेदार करने वाले 'द ग्रेट वॉल' ने भी 180 रन की दमदार पारी खेली थी। इन दोनों की साझेदारी की बदौलत भारत ने ऑस्ट्रेलिया के लगातार 16 टेस्ट जीत के विजय रथ को 17वें टेस्ट में रोक दिया था। इस टेस्ट में फॉलोऑन के दबाव से उबर कर टीम के जीत तक के सफर ने इस टेस्ट को सबसे यादगार टेस्ट में शुमार किया।


राहुल द्रविड़ ने बताया कि इस टेस्ट में उन्हें दमदार प्रदर्शन करने की प्रेरणा विपक्षी कप्तान स्टीव वॉ से ही मिली थी। इस ऐतिहासिक पारी से पहले जब राहुल द्रविड़ सौरभ गांगुली के आउट होने के बाद मैदान पर आए, तब द्रविड़ ने बताया कि कैसे उस पारी से पहले उन्हें ऑस्ट्रेलिया के तत्कालीन कप्तान स्टीव वॉ ने स्लेज किया था। राहुल द्रविड़ ने स्टीव वॉ की स्लेजिंग को अपने दमदार प्रदर्शन की प्रेरणा बना लिया।


कुछ महीने पहले एक कार्यक्रम में राहुल द्रविड़ ने बताया, 'उस सीरीज में और उससे पहले मैं रनों के लिए लगातार संघर्ष कर रहा था। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैं मुंबई टेस्ट में भी फ्लॉप रहा था और मैंने कोलकाता टेस्ट की पहली पारी में भी रन नहीं बनाए थे। इस कारण टीम मैनेजमेंट ने मेरे बैटिंग क्रम में भी बदलाव कर दिया और मुझे खिसकाकर नंबर 6 पर बैटिंग के लिए कहा। जब मैं दूसरी पारी में बैटिंग पर आया, तो विपक्षी टीम के कैप्टन स्टीव वॉ ने मुझे कहा, राहुल अब नंबर 6 पर आ गए, अगले मैच का क्या? क्या नंबर 12 पर दिखोगे?'

द्रविड़ ने बताया, 'उस वक्त मेरे पास अपने अतीत या अपने भविष्य पर सोचने का मौका नहीं था। मैंने उसे पारी पर फोकस किया। वैसे भी किसी भी क्रिकेटर के पास एक वक्त में एक बॉल पर ही फोकस करने का समय होता है। जब मेरी यह पारी खत्म हुई, तो मैं 180 रन बना चुका था।'

द्रविड़ ने आगे कहा, 'इस टेस्ट में कंगारू टीम से पिछड़ रही टीम इंडिया अब कंगारू टीम को दबाव में घेर चुकी थी। अंत में हमने यह मैच जीता और इसके बाद अगला मैच जीतकर यह सीरीज भी अपने नाम कर ली।' लगातार 16 टेस्ट जीतने के बाद भारत के हाथों एक के बाद एक लगातार दो टेस्ट गंवाकर स्टीव वॉ की इस टीम ने सीरीज भी गंवा दी थी। भारत का ऐसा प्रदर्शन देखकर कंगारू टीम हक्की-बक्की रह गई थी।

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