नई दिल्ली

केंद्रीय नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने आज कहा कि सरकार देश में विमान व ड्रोन के विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए मेक इन इंडिया अभियान का विस्तार करना चाहती है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इनकी बढ़ती जरूरतों की पूर्ति के लिए महज आयात पर निर्भर नहीं रहा जाएगा।

उन्होंने कहा कि अगले कुछ साल में भारत को 1,300 से अधिक विमानों की जरूरत होगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम इन 1,300 विमानों में से पूरा का पूरा विदेश से ही नहीं  खरीदना चाहते हैं। हम इन्हें देश में भी बनाएंगे।’’ प्रभु ने कहा कि उनका मंत्रालय असैन्य एवं सैन्य विमानों की जरूरतों के बारे में रक्षा सहयोगियों के साथ मिलकर काम करेगा। उन्होंने कहा कि ड्रोन दूसरी प्राथमिकता होगी क्योंकि इस क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक बड़ा बाजार है और भारत में इसके लिए काफी संभावनाएं हैं। इसीलिए हम ड्रोन पर काम करेंगे।’’ प्रभु ने कहा कि विमानन क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तथा रोबोटिक्स जैसे अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करना दूसरी प्राथमिकता होगी।  

Source : Agency