नई दिल्ली 

अगर आप अपने रोजाना के खाने में सिर्फ एक चम्मच नमक, एक चम्मच चीनी और एक चम्मच तेल कम कर दें तो लाइफस्टाइल से जुड़ी बहुत सी बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है। इस मुद्दे पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) एक अर्से से दुनिया की सभी सरकारों को आगाह कर रहा है। कई देशों ने तो WHO की सलाह को मानते हुए बाजार में बिकने वाले तमाम तरह के खाद्य पदार्थों में नमक, चीनी और फैट की मात्रा पर अंकुश लगा दिया है, लेकिन भारत जैसे कई देश अब भी अपने ढर्रे पर चल रहे हैं और फूड आइटम्स बनाने वाली कंपनियां अपनी मनमानी कर रही हैं।
 

कंपनियों पर दबाव बनाएगा IMA 
हालात को देखते हुए अब इंडियन मेडिकल असोसिएशन (IMA) ने इस पर लोगों को जागरूक करने के साथ ही सरकार और तमाम तरह के खाद्य पदार्थ बनाने वाली कंपनियों पर दबाव बनाने का फैसला किया है। IMAका मानना है कि अगर खाने में नमक, तेल और चीनी की मात्रा को कम रखा जाए तो मोटापा, हाई बीपी, डायबीटीज और दिल के रोगों से दूर रहा जा सकता है। WHO का कहना है हमें 1 दिन में 5 ग्राम से ज्यादा नमक नहीं खाना चाहिए, लेकिन अधिकतर भारतीय हर रोज इससे कहीं ज्यादा नमक खाते हैं। इसके अलावा चीनी 1 दिन में 6-8 चम्मच और तेल 4 चम्मच से ज्यादा नहीं खाना चाहिए, लेकिन भारत में ज्यादातर लोग इस मात्रा से कहीं ज्यादा इनका प्रयोग करते हैं। 

 नतीजा है कि भारत दिल व किडनी के रोगों और डायबीटीज की राजधानी बनता जा रहा है। IMA ने फैसला किया है कि वह बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों में चीनी, नमक और फैट की मात्रा को सीमित और संतुलित रखने के लिए सरकार पर दबाव बनाएगा। इसके साथ ही वह फूड इंडस्ट्री से भी कहेगा कि वे अपने उत्पादों में नमक, चीनी और तेल का संतुलित मात्रा में प्रयोग करें। वैसे, सरकार की ओर से फूड सेफ्टी ऐंड स्टैंडर्डस अथॉरिटी (FSSA) भी इस मामले में चिंतित है, लेकिन इस मसले पर अब तक वह कोई गाइडलाइंस नहीं बन पाई है। 

 आईएमए के अनुसार भारत में इस समय करीब 7 करोड़ लोग डायबीटीज की चपेट में हैं। बदलती लाइफस्टाइल, खानपान और एक्सर्साइज की कमी इस समस्या को बढ़ा रही है। अगर खाने में नमक, तेल, चीनी की मात्रा कम रखी जाए तो मोटापा, हाई बीपी, डायबीटीज, दिल के रोगों से दूर रहा जा सकता है। सेहत को लेकर बढ़ती जागरूकता का एक पहलू यह है कि देश में आम लोग व डॉक्टर खानपान से लेकर शारीरिक श्रम को लेकर अलर्ट हुए हैं। भोजन में नमक-चीनी कम करने की हिदायत इसी का सबूत है। पर यह थोड़ी-बहुत अलर्टनेस अभी शहरों में है और ब्रैंडेड खानपान तक सीमित है। जहां हर गली-नुक्कड़ पर तेज नमक-मसाले वाले समोसे-चाट बिकते हों, वहां ऐसी सलाह के कारगर होने की क्या संभावना है- इस पर भी नजर डालनी होगी। 

Source : Agency