नई दिल्ली 

हरियाणा, यमुना में पानी छोड़ना शुरू भी करता है तो स्थिति सुधरने में अभी 3 से 4 दिन का समय लगेगा। उस पानी को यहां पहुंचने में 72 घंटों से अधिक का समय लगेगा। हालांकि पानी छोड़ने का काम अभी शुरू हुआ है या नहीं इस पर बोर्ड के वाइस चेयरमैन दिनेश मोहनिया ने कहा कि इसकी उन्हें किसी तरह की जानकारी नहीं है।

 
एक जनवरी से पानी की किल्लत झेल रही दिल्ली के लिए यह अतिरिक्त पानी एक राहत लेकर आया है। माना जा रहा है कि इससे यमुना में अमोनिया के स्तर में कमी आएगी। साथ ही पानी में बहाव होने से जल स्तर पर भी असर पड़ेगा। 

इस बीच मंगलवार को जल संकट और अधिक गहरा गया। वजीराबाद पॉन्ड में पानी का स्तर कम होने की वजह से सुबह के समय दो बार प्लांट बंद करना पड़ा। इन प्लांट में वजीराबाद और चंद्रावल वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट शामिल रहे। जल बोर्ड के अनुसार आगे कुछ समय के लिए इन्हें और बंद करना पड़ सकता है। अभी भी यह प्लंट अपनी 30 से 40 पर्सेंट क्षमता पर चल रहे हैं। पानी की कमी के बाद इन प्लांट से 40 एमजीडी पानी ट्रीट किया जा रहा है, लेकिन मंगलवार को जब दोबारा प्लंट शुरू हुए तो इन्हें सिर्फ 28 एमजीडी क्षमता पर चलाया गया। 

वजीराबाद पॉन्ड में जलस्तर 3.1 फिट तक गिर गया है। इस पॉन्ड का सामान्य जलस्तर 674.5 फिट है जबकि इस समय पॉन्ड में 671.3 फिट ही पानी है। इसी वजह से चंद्रावल और वजीराबाद प्लांट पर असर है। जल बोर्ड के अनुसार हरियाणा लगातार कम पानी छोड़ रहा है जिसकी वजह से पॉन्ड इस हाल में पहुंच गया है। दिल्ली सब ब्रांच और मुनक नहर में भी हरियाणा लगातार कम पानी छोड़ रहा है। जिसकी वजह से वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता पर काफी बुरा असर पड़ रहा है। जल बोर्ड के अनुसार सबसे अधिक पानी किल्लत झेलने वाले क्षत्रों में वेस्ट दिल्ली, नॉर्थ दिल्ली, सेंट्रल दिल्ली, साउथ दिल्ली के कुछ हिस्से, दिल्ली कैंट और एनडीएमसी एरिया शामिल है। 

Source : Agency