बिलासपुर
छत्तीसगढ़ की बिलासपुर हाईकोर्ट ने रायगढ़ के पहाड़ी कोरवाओं कि याचिका का निराकरण करते हुए सोमवार को राज्य शासन और आदिम जाति कल्याण विभाग को इनके जाति निर्धारण मामले का निपटारा दो माह में करने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट के इस फैसले के बाद याचिकाकर्ताओं को उम्मीद जगी है कि उनके जाति प्रमाण पत्र जल्द जारी होंगे और राज्य सरकार की ओर दी जाने वाली सुविधाओं का लाभ मिलेगा.

दरअसल, पूरा मामला रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ का है जहां  के कोरवाओं ने हाइकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि प्रदेश भर के पहाड़ी कोरवाओं को सरकार की ओर से विशेष जनजाति समूह का माना जाता है और उन्हें विशेष सुविधा प्रदान की जाती हैं .

राज्य के सभी जिलो में निवासरत पहाड़ी कोरवाओं का जाती प्रमाण पत्र बना हुआ है लेकिन रायगढ़ के पहाड़ी कोरवाओं को इससे वंचित रखा गया है. इस वजह से  रायगढ़ जिले के पहाड़ी कोरवाओं को शासन से मिलने वाली विशेष सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा और ना ही उनके जाति-प्रमाण पत्र बनाए रहे.

हाईकोर्ट ने याचिका की प्रारंभिक सुनवाई में शासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था. पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस टीबी राधाकृष्णन के डिवीजन बैंच में मामले कि सुनवाई करते हुए फैसले को सुरक्षित रख लिया था. अब मामले में फैसला आने के बाद रायगढ़ की कोरवा जाति के लोगों को  उम्मीद बंधी है.

Source : Agency