चेन्नई
चेन्नयन एफसी और एफसी गोवा के बीच बढ़ती प्रतिद्वंद्विता का एक नया अध्याय मंगलवार को लिखा जाएगा, जब दोनों टीमें जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के चौथे सीजन के दूसरे सेमीफाइनल के दूसरे चरण के मुकाबले में आमने-सामने होंगी। इस मुकाबले को जीतने वाली टीम फाइनल में पहुंचेगी जहां उसका मुकाबला बेंगलुरु एफसी से होगा जिसने कप्तान सुनील छेत्री की हैट्रिक के दम पर एफसी पुणे सिटी को 3-1 से मात देकर फाइनल में जगह बना ली है। आईएसएल के दूसरे सीजन के फाइनल में गोवा और चेन्नई का सामना हुआ था और तभी से इन दो टीमों के बीच की भिड़ंत हर समय खास होती चली गई। चेन्नई की टीम ने फाइनल में गोवा को हराकर पहली बार यह खिताब जीता था और अब एक बार फिर उसके सामने गोवा की टीम है, जिसे हराकर वह दूसरी बार फाइनल में पहुंचना चाहेगी। दोनों टीमों के बीच गोवा में खेला गया पहले चरण का मुकाबला 1-1 की बराबरी पर छूटा था और चेन्नई की अवे गोल करने के कारण बढ़े हुए मनोबल के साथ गोवा का सामना करेगी।

चेन्नई के कोच जॉन ग्रेगरी कहा कि उस मैच का परिणाम हमारे पक्ष में जाना चाहिए था। वह काफी कठिनाई से हासिल ड्रॉ था। अवे गोल की बहुत कम अहमियत होती है। यह ऐसी चीज नहीं, जिसके बारे में सोचते हुए मैं अपना समय बर्बाद करूं। अगर हम क्लीन शीट कायम रखने में सफल रहे तो हम फाइनल में पहुंच जाएंगे लेकिन अगर वे गोल करने में सफल रहे तो सबकुछ बदल जाएगा। कई तरह की सम्भावनाएं हैं। चेन्नई के कोच ने यह साफ किया कि उनकी टीम का लक्ष्य क्लीन शीट बनाए रखना होगा लेकिन अगर गोवा ने गोल कर दिया तो फिर उनकी टीम प्लान-बी पर काम करेगी।

ग्रेगरी ने कहा कि हमने आपस में कुछ मैच खेले हैं और हम जानते हैं कि गोवा की टीम कितनी खतरनाक हो सकती है। अगर हम क्लीन शीट कायम रखने में सफल रहे तो फिर हम आगे चले जाएंगे। यह हमारी प्राथमिकता होगी लेकिन हम उन सारी चीजों के लिए भी तैयार हैं, जो हमारे रास्ते में आने वाली हैं। यह निश्चित तौर पर पेनल्टी शूटआउट है। एफसी गोवा हर किसी की पसंदीदा नहीं है। इसका कारण यह है कि चेन्नई का डिफेंस काफी अच्छा है। चेन्नई ही एकमात्र ऐसी टीम है, जिसके चार डिफेंडरोें में तीन विदेशी हैं। इस टीम ने गोवा के फेरान कोरोमिनास और मैनुएल लेंजारोते की जोड़ी को अब तक बखूबी रोके रखा है।

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