हर कोई चाहता है कि घर में शांतिपूर्ण माहौल रहे, परिवार के सदस्यों को कोई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी नहीं हो और घर में आर्थिक संकट भी नहीं रहे। मगर, कई बार तमाम कोशिशों के बाद भी ये परेशानियां बनी ही रहती हैं। अगर आपके साथ भी इसी तरह की समस्याएं बनी रहती हैं, तो हो सकता है कि आपके घर में भी वास्तु दोष हो।

जरूरी नहीं है कि यदि आपने अपने घर का निर्माण वास्तु शास्त्र के अनुसार कराया है, तो घर में कोई परेशानी नहीं होगी। घर में आईने और शीशे की वस्तुओं को भी गलत तरीके से लगाने से इस तरह की समस्याएं पैदा हो जाती हैं। जानते हैं कि घर में किस तरह के शीशे के सामान को कहां रखना है, ताकि संपन्नता बनी रहे।

ड्रेसिंग टेबल

अगर ड्रेसिंग टेबल में आईना लगा है, तो इसे बिस्तर के सामने कभी नहीं रखना चाहिए। सोते समय शरीर का प्रतिबिंब दर्पण में दिखना अशुभ होता है, इसलिए इसे बेड के बगल में रखें।

मुख्य दरवाजा

घर के मुख्य द्वार पर दर्पण रखना अशुभ माना जाता है। घर के प्रवेश द्वार पर दर्पण या कोई भी चमकदार वस्तु नहीं रखनी चाहिए।

बच्चों का कमरा

बच्चों के कमरे में दर्पण लगाने की जगह का चयन करने में सावधानी रखनी चाहिए। आईने को स्टडी टेबल के सामने नहीं लगाना चाहिए क्योंकि इससे पढ़ाई में उनका ध्यान नहीं लगता है।


ट्रांसपैरेंट खिड़की या दरवाजे न रखें

घर में ट्रांसपैरेंट दरवाजे या खिड़की नहीं बनवानी चाहिए। इससे जहां आपकी प्राइवेसी हर समय नहीं रहती है, वहीं यह वास्तु के हिसाब से भी अच्छा नहीं माना जाता है।

शीशे के शो-पीस

शीशे के सभी शो-पीस को घर के पूर्व या उत्तर दिशा में लगाने की कोशिश करें। कांच की दीवार की घड़ी, कांच के शो-पीस या एक्वेरियम को उत्तर या पूर्व दिशा में ही रखें।

आईने की सही दिशा

घर में दर्पण लगाने की सही दिशा पूर्व या उत्तर दिशा है। इसलिए, हमेशा इन दो दिशाओं में आईना लगाना चाहिए।

Source : Agency