उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एकरूपता लाने के मकसद से उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही प्राइवेट यूनिवर्सिटी एक्ट लायेगी। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डा0 दिनेश शर्मा ने आज यहां एक समारोह में कहा कि इस अधिनियम का मकसद उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एकरूपता लाना है और इसे निजी विश्वविद्यालयों पर पाबन्दी नही समझना चाहिये।

इसके द्वारा शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाया जा सकेगा। सभी विद्यालयों के शैक्षिक सत्र एवं पाठ्यक्रम में समानता लायी जायेगी। डा0 शर्मा ने कहा कि सरकार ने निजी क्षेत्रों को स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी खोले जाने का आमंत्रण दिया है, जिससे लोगों को अधिक से अधिक रोजगार योग्य बनाया जा सके।

उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम में योग, जी0एस0टी0 एवं अन्य सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों को भी शामिल किया जाये, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो सके। उन्होने कहा कि प्राइवेट यूनिवर्सिटी भी अपने यहां सीसीटीवी कैमरे न केवल लगवाना सुनिश्चित करें, बल्कि उसे हमेशा क्रियाशील रखें, जिससे नकल विहीन परीक्षा कराकर शिक्षा की गुणवत्ता बनाई रखी जा सके।
 
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एक अप्रैल से एनसीईआरटी पाठ्यक्रम पर आधारित शैक्षिक सत्र प्रारम्भ होगा और साथ ही शैक्षिक कैलेण्डर भी जारी कर दिये जायेंगे। नकल रोकने के लिए जरूरी है कि विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम को पूरा कराया जाये। इसी को ²ष्टिगत रखते हुए सरकार ने 220 दिन का शैक्षिक कैलेण्डर जारी किया है। इसके लिए जहां एक तरफ छुट्टियों को कम किया गया है, वहीं बोर्ड परीक्षा को भी कम दिनों में करवाया गया।

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