नई दिल्ली
अभिनेता अक्षय ओबेरॉय का मानना है कि बॉलीवुड में कामयाब होने के लिए लंबा और मुश्किलों भरी यात्रा तय करनी पड़ती है। लेकिन खुशी की बात यह है कि वह किसी ‘स्टार इमेज’ से जुड़े बिना अपनी निजी राह बना रहे हैं। मुंबई में ध्वन्यांकित बातचीत में अक्षय ने आईएएनएस से कहा कि बॉलीवुड में लंबा संघर्ष और कठिन यात्रा के बाद ही कामयाबी मिलती है। मुझे खुशी है कि मैं अभी तक यहां टिका हुआ हूं। मुझे लगता है कि लोग महसूस करने लगे हैं कि काम के आधार पर अभिनेताओं में फर्क होता है।

अक्षय ने ‘इसी लाइफ में’, ‘पीकू’, ‘लाल रंग’ और ‘कालाकांडी’ में काम किया है। फिल्म ‘कालाकांडी’ शुक्रवार को रिलीज होगी। उन्होंने कहा, ‘‘जब मैंने काम शुरू किया था, तब मीडिया, निर्देशक और निर्माताओं को यह बताने के लिए उत्सुक था कि मैं एक अच्छा अभिनेता हूं और अच्छा कर सकता हूं। लेकिन में इतना नहीं सोच रहा था कि फिल्म चलेगी या नहीं। यह बहुत ही चुनौतीपूर्णहै कि मैं अपनी प्रतिभा दिखा सकूं।’’

अभिनेता के होने के कुछ ट्रेपिंग हैं। मैं एक अभिनेता के रूप में काम कर रहा हूं। मैं सभी तरह की चीजों को करने में सक्षम हूं और यही वजह है कि यह यात्रा मेरे लिए दिलचस्प है। उन्होंने कहा जिस तरह चीजें चली गई है उसमें में बहुत खुश हूं। में एक अभिनेता हूं और मुझे लगता है कि यह बहुत मुश्किल काम है। अभिनय नौकरी पाने का सबसे कठिन हिस्सा है। इसलिए में बहुत उत्साहित हूं कि में यहॉ हूं और दिलचस्प काम कर रहा हूं। अभिनेता आगे कहते हैं, ‘‘मुझे खुशी है कि मुझे फिल्म ‘कालाकांडी’ में काम करने का मौका मिला। फिल्म ‘डेलही बेली’ के निर्देशक अक्षत वर्मा की फिल्म ‘कालाकांडी’ में छह अलग-अलग किरदारों की कहानी है।’’ ‘कालाकांडी’ में सैफ अली खान, दीपक डोबरियाल, विजय राज, कुणाल रॉय कपूर, सोभिता धूलिपाला, ईशा तलवार, शिवम पाटिल, अमायरा दस्तूर और नील भूपलम मुख्य भूमिका में हैं।

अक्षय ने आगे कहा कि फिल्म की शूटिंग का अनुभव बहुत मजेदार था और सैफ के साथ काम करना एक सपना था, जो पूरा हुआ। उन्होंने कहा कि अभिनय टेनिस खेल की तरह है। अगर आपका प्रतिद्वंद्वी अच्छा है, तो आप भी अच्छे साबित होंगे।

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