गूगल ने आज आधुनिक भारत की लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता महाश्वेता देवी के 92वें जन्मदिन पर डूडल बनाकर उन्हें याद किया है। इस डूडल में उनके साहित्य के प्रति उनके प्यार और ग्रामीण और जनजातीय लोगों के हक के लिए लड़ती उनकी आवाज को दिखाया गया है।

महाश्वेता देवी का जन्म 1926 में डेक्का में हुआ था। उनका पहला उपन्यास झांसी की रानी पर था जोकि 1956 में प्रकाशित हुआ था। उनके मशहूर कामों में हजार चुरासिर मां, अरण्येर, अधिकार, अग्निगरबा, रुदाली, सिद्धु कन्हुर डाके शामिल हैं।

 
लेखिला ने अपने पूरे जीवन को जनजातीय लोगों को अधिकार दिलाने की लड़ाई में समर्पित कर दिया था। इसके अलावा उन्होंने बिहार के ग्रामीण लोगों की उदासीनता की तरफ भी ध्यान दिलाने की कोशिश की थी। उन्होंने सिंगुर और नंदीग्राम में जबरन हुए भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने एक बार कहा था कि मेरा भारत आज भी अंधेरे के पर्दे के पीछे बसता है।

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