गुड़गांव 
जेल में बंद एक बदमाश के खुलासे से पुलिसवालों के होश उड़ गए। बदमाश ने बताया कि उसे जेल में साथ रहने के दौरान एक निलंबित एएसआई ने एक क्राइम ब्रांच प्रभारी की 25 लाख की सुपारी दी थी। अडवांस के तौर पर 10 लाख रुपये दिए गए। बदमाश के साथियों ने प्रभारी पर चार बार हमले का प्लान भी बनाया। पुलिस फर्जी आर्म्स लाइसेंस केस में बदमाश को रिमांड पर लेकर आई है।

 

मूलरूप से रोहतक निवासी सुरेंद्र सूंडा नामक बदमाश हत्या सहित आधा दर्जन से अधिक संगीन मामलों में भोंडसी जेल में बंद है। उस पर फर्जी आर्म्स लाइसेंस केस में आरोपी गुड़गांव गांव निवासी मनीष भारद्वाज से जेल में रहते हुए दो लाख की अवैध वसूली का आरोप है। इसी मामले में क्राइम ब्रांच टू ने शुक्रवार को उसे जेल से रिमांड पर लिया। पूछताछ में सुरेंद्र ने बताया कि क्राइम ब्रांच नौ प्रभारी सब इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा की उसने 25 लाख की सुपारी ली। इसके लिए 10 लाख रुपये अडवांस भी लिए। 

आरोप है कि यह सुपारी जेल में बंद निलंबित एएसआई राज सिंह नामक व्यक्ति ने दी। राज सिंह पर कई केस दर्ज हैं। वह बीते साल जेल जा चुका है। इसी दौरान उसकी मुलाकात सुरेंद्र सूंडा से हुई। आरोपी ने बताया कि उसके साथी चार बार हमले का भी प्लान बना चुके थे। एक बार वह स्कूटी से अपने बेटे को स्कूल बस तक छोड़ने जा रहे थे। एक बार वह सेक्टर 52 के अपने निर्माणाधीन मकान के बाहर खड़े थे जबकि दो बार वह कार में अपनी पत्नी के साथ जा रहे थे। 

डीसीपी क्राइम सुमित कुहाड़ ने बताया कि सुरेंद्र सूंडा नामक बदमाश ने राजसिंह का नाम लिया है। पुलिस इसकी जांच करेगी। क्राइम ब्रांच 9 प्रभारी राजकुमार की 25 लाख की सुपारी लेने की बात बदमाश ने स्वीकार की है। 

Source : Agency