नीमच
सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद  प्रदेश में कर्ज से परेशान किसानों की मौत के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे है। ताजा मामला नीमच से सामने आया है। जहां साहूकरों से परेशान होकर किसान ने आत्महत्या कर लीं। आत्महत्या से पहले किसाने ने एक वीडियो बनाया और अपना दर्द बयां किया ।पुलिस ने मोबाइल में बने वीडियो के आधार पर जांच शुरु कर दी है। घटना10 जनवरी की शाम की मनासा विकासखंड का गांव अल्हेड़ की बताई जा रही है।ये वहीं किसान है जिसने 4  जनवरी को पीएम से इच्छामृत्यु की गुहार लगाई थी।

जानकारी के अनुसार, यह घटना दस जनवरी की शाम की बताई जा रही है। मामला जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर मनासा विकासखंड का गांव अल्हेड़ का हैं। 34 वर्षीय किसान विनोद पाटीदार दस जनवरी बुधवार शाम अचेतावस्था में खेत में पड़ा मिला था।परिजन जब खेत में पहुंचे तो उन्होंने उसे तत्कार सामूदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनासा भर्ती कराया। इसके बाद विनोद को इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया।लेकिन यहां भी विनोद की हालत नहीं सुधरी तो परिजन इलाज के लिए अहमदाबाद रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही विनोद ने दम तोड़ दिया।पीएम के दौरान परिजन व विनोद के भाई ने पुलिस को मोबाइल से मिला एक वीडियो सौंपा। साथ ही आरोप लगाया है कि विनोद ने साहूकारों की प्रताड़ना से तंग आकर जान दी।

पुलिस ने बताया कि मोबाइल में कीटनाशक पीने से पूर्व विनोद खुद एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें गांव के 4 और मनासा के 1 साहूकार द्वारा प्रताड़ित करने का जिक्र है।1 मिनट 5 सेकंड के वीडियो के अनुसार पर उस पर लगभग 4 लाख रुपये का कर्ज था। यह राशि अल्हेड़ के रतनलाल पिता फकीरचंद गुर्जर, जगदीश पिता कचरू गायरी, डमरलाल पिता कचरू गायरी, जगदीश पिता बापूलाल चौहान और मनासा के धरमपाल ग्रोवर की थी।विनोद ने ट्रैक्‍टर और जमीन पर भी साहूकारों के कब्जा करने का जिक्र वीडियो में किया गया है। पुलिस ने परिजनों के बयान और वीडियो अपने कब्जे में लेकर जांच शुरु कर दी है। जांच के बाद ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

पीएम से मांग चुका था इच्छामृत्यु
किसान विनोद पाटीदार ने बीते दिनों 4 जनवरी को  प्रधानमंत्री कार्यालय से इच्छामृत्यु की गुहार लगाई थी।जब इजाजत नहीं मिली तो विनोद ने साहूकार द्वारा उस पर की गई प्रताड़ना को एक वीडियो बनाकर बयां किया और फिर कीटनाशक पीकर जान  दे दी।

 

Source : Agency