कोरिया
छत्तीसगढ़ में कोरिया जिले के सोनहत में बुधवार की रात तालाब में घुसने से ठंड में ठिठुरकर बीमार पड़े बारहसिंगा ने अंततः शुक्रवार को दम तोड़ दिया. वन विभाग ने मृत बारहसिंगा का अंतिम संस्कार कर दिया है. ऐसे में इस घटना ने इंसानों द्वारा जानवरों के प्रति बरती जाने वाली बर्बता को एक बार फिर से उजागर किया है.

दरअसल, कोरिया जिले के वन परिक्षेत्र देवगढ़ से भटककर एक बारहसिंगा सोनहत विकासखंड के धनपुर गांव पहुंच गया था. गांव में बारहसिंगा को देखकर कुछ ग्रामीण उसे दौड़ाने लगे. अपने पीछे इंसानों का हुजूम आता देख बारहसिंगा घबराकर इधर उधर भागने लगा. जब कहीं बचने का उसे कोई रास्ता नहीं दिखा तो बारहसिंगा तालाब के ठंडे पानी में जा घुसा. करीब 6 घंटे तक तालाब में पड़े रहने के कारण बारहसिंगा की हालत बिगड़ गई.

वहीं इस सूचना पर वन अमले ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह घायल बारहसिंगा को तालाब से बाहर निकाला. इसके बाद उसका इलाज शुरू किया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. गौरतलब है कि वन विभाग को रिहायशी इलाके में एक बारहसिंगा के आने की सूचना मिली थी, तब वन विभाग की टीम ने बीते बुधवार देर रात किसी तरह उसे तालाब से निकालकर सोनहत नर्सरी में रखा था. इसी क्रम में शुक्रवार को इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई.

मामले में पशु चिकित्सक डॉ. राम ने बताया कि बारहसिंगा का इलाज तो चल ही रहा था और उसकी हालत में सुधार भी आ रहा था, लेकिन अचानक उसकी हालत बिगड़ने के कारण बीते शुक्रवार को दोपहर करीब 12 बजे उसकी मौत हो गई.

Source : Agency