सेंचुरियन
केपटाउन में पहला टेस्ट 72 रन से हार चुकी विश्व की नंबर एक भारतीय टीम के लिये सेंचुरियन मैदान में दूसरे टेस्ट में वापसी करना बहुत मुश्किल होगा क्योंकि इस मैदान में मेज़बान टीम का सिक्का जमकर चलता है। भारत ने इस मैदान पर मात्र एक टेस्ट खेला है जो 16 से 20 दिसंबर 2010 तक खेला गया था जिसमें भारत को पारी और 25 रन से हार का सामना करना पड़ा। उस मैच में भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी थे। वीरेंद्र सहवाग, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण, गौतम गंभीर और सुरेश रैना जैसे दिग्गज बल्लेबाज़ों से सजी भारतीय टीम पहली पारी में मात्र 38.4 ओवर में 136 रन पर लुढ़क गयी थी।

सचिन ने सबसे ज्यादा 36 रन बनाये थे जिसके बाद धोनी ने 33 और हरभजन सिंह ने 27 रन बनाये। दक्षिण अफ्रीका ने हाशिम अमला के 140, जैक्स कैलिस के नाबाद 201 और ए बी डीविलियर्स के 129 रन से चार विकेट पर 620 रन बनाकर अपनी पारी घोषित की। भारतीय टीम ने दूसरी पारी में सराहनीय संघर्ष किया और 459 रन बनाये। सचिन 111 रन बनाकर नाबाद रहे। गंभीर ने 80, सहवाग ने 63, द्रविड़ ने 43 और कप्तान धोनी ने 90 रन बनाये। दूसरी पारी के संघर्ष के बावजूद भारत को पारी से हार का सामना करना पड़ा। पहला टेस्ट हार जाने के बाद दूसरे टेस्ट में वापसी करना भारतीय खिलाड़ियों के लिये टेढ़ी खीर साबित होगा। इस मैदान पर भी तेज़ गेंदबाज़ों का सिक्का चलता है। दिसंबर 2010 के टेस्ट में मोर्न मोर्कल ने दोनों पारियों में सात विकेट और डेल स्टेन ने सात विकेट लिये थे।

पहले टेस्ट में भारतीय बल्लेबाज़ों ने दक्षिण अफ्रीका के तेज़ गेंदबाज़ों के सामने घुटने टेक दिये थे और दूसरे टेस्ट के लिये दक्षिण अफ्रीका के कोच ओटिस गिब्सन ने भी कहा है कि इस मैच में भी चार तेज़ गेंदबाज़ों के साथ भारतीयों पर हमला बोला जाएगा। दक्षिण अफ्रीका ने सेंचुरियन मैदान में नवंबर 1995 में इंग्लैंड से पहला टेस्ट खेला था जो ड्रा रहा था। इस मैदान पर अब तक 22 टेस्ट खेले गये हैं जिनमें से दक्षिण अफ्रीका ने 17 टेस्ट जीते हैं, तीन टेस्ट ड्रा खेले हैं और सिर्फ दो टेस्ट गंवाये हैं। दक्षिण अफ्रीका को सेंचुरियन में जनवरी 2000 में इंग्लैंड ने दो विकेट से और फरवरी 2014 में आस्ट्रेलिया ने 281 रन से हराया था। इस मैदान पर दक्षिण अफ्रीका ने अपने पिछले तीन टेस्टों में वेस्टइंडीज़ को पारी और 220 रन से, इंग्लैंड को 280 रन से और न्यूजीलैंड को 204 रन से हराया। दक्षिण अफ्रीका के इस रिकार्ड को देखते हुये भारतीयों को अपना 200 प्रतिशत प्रदर्शन करना होगा तभी जाकर वे सीरीज़ में बराबरी की उम्मीद कर पाएंगे। 

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