भोपाल। इंदौर में हुए स्कूल बस हादसे के बाद परिवहन और गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने मंगलवार को क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों की बैठक ली और उनके कामकाज को लेकर खूब खरीखोटी सुनाई। भूपेंद्र सिंह ने कहा कि क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। ज्यादातर अधिकारी पूरे समय दफ्तर में बैठे रहते हैं। मैदानी हकीकत से वे कोसों दूर हैं। सिंह ने निर्देश दिए कि सभी आरटीओ हफ्ते में चार दिन मैदानी दौरे कर वाहनों की चेकिंग करें और तीन दिन दफ्तर में बैठकर कामकाज निपटाएं।

गृह मंत्री ने कहा कि पंद्रह साल से पुराने स्कूल वाहनों को परमिट देने पर संबंधित आरटीओ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग 30 जनवरी तक विशेष चेकिंग अभियान चलाए। इसके लिए पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध करवाया जाएगा। स्पीड गवर्नर और जीपीएस गुणवत्तापूर्ण होने चाहिए। वाहन में बैठने वाले बच्चों की संख्या निर्धारित की जाए और स्कूल वाहनों की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक न हो। वहीं परिवहन आयुक्त ने कहा कि स्कूल वाहनों पर कार्रवाई पर अभिभावकों से चर्चा के बाद फैसला लिया जाएगा। 

यात्री बसों के समय में कम से कम पांच मिनट का फर्क हो

परिवहन मंत्री ने कहा कि यात्री बसों का समय सही हो, जिससे उनके बीच रेस नहीं हो। उन्होंने कहा कि दो बसों के रवानगी के समय में कम से कम पांच मिनट का अंतर हो। इन वाहनों की भी नियमित चेकिंग की जाए। बैठक में डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला, परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव मलय श्रीवास्तव भी मौजूद थे। 
 

Source : desk