वास्तुशास्त्र एक व‌िज्ञान है जो द‌िशा एवं आपके आस-पास मौजूद चीजों से उत्पन्न उर्जा के प्रभाव को बताता है। वास्तु व‌िज्ञान के अनुसार उर्जा अगर अनुकूल है तो आपकी प्रगत‌ि होगी और प्रत‌िकूल उर्जा होने पर परेशानी आती है और यह जीवन के हर क्षेत्र पर लागू होता है चाहे वह आपका वैवाह‌िक संबंध हों या व‌िवाह की चाहत। विवाह हर किसी के जीवन में महत्वपूर्ण अवसर हैं। हालांकि जीवनसाथी चुनने की प्रक्रिया कई लोगों के लिए सिरदर्द बन जाती है। कई लोगों को देरी से शादी होने के मुद्दों का सामना करना पड़ता है। आज हम आपको कुछ ऐसे वास्तु टिप्स बता रहे हैं जिससे आपकी शादी में आ रही बाधाएं दूर हो सकती है।

वास्तु व‌िज्ञान के अनुसार व‌िवाह योग्य कुंवारे लड़कों को दक्ष‌िण और दक्ष‌िण पश्च‌िम द‌िशा में नहीं सोना चाह‌िए। इससे व‌िवाह में बाधा आती है। माना जाता है क‌ि इससे अच्छे र‌‌िश्ते नहीं आते हैं। काले रंग के कपड़े और दूसरी चीजों का इस्तेमाल कम करना चाह‌िए।
 
दीया और अगरबत्ती से वातावरण की सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है। इसे हर रोज करने से आंतरिक ऊर्जा प्रोत्साहित हो जाएगी और व्यक्ति को आंतरिक शांति का एहसास होगा। यह व्यक्तित्व की विशेषता है जो आकर्षक स्वरूप की है और व्यक्तियों को अपनी तरफ मोह लेती है।

आपको अपना ब‌िस्तर इस तरह रखना चाह‌िए ताक‌ि सोते समय पैर उत्तर और स‌िर दक्ष‌िण द‌िशा में हो। सोने के इस न‌ियम की अनदेखी से बचना चाह‌िए।

ज‌िन कमरों में एक से अध‌िक दरवाजे हों उस कमरे में व‌िवाह योग्य लड़कों को सोना चाह‌िए। ज‌िन कमरों में हवा और रोशनी का प्रवेश कम हो उन कमरों में नहीं सोना चाह‌िए।

अपने अनुरूप जीवनसाथी को निश्चित करते समय उत्तरी अच्छी दिशा में बैठने से देरी से होनेवाले आपके विवाह के मसलों का समाधान मिल जाता है। आपके कमरों का रंग डार्क यानी गहरा नहीं होना चाह‌िए। दीवारों का रंग चमकीला, पीला, गुलाबी होना शुभ होता है। ऐसी जगह पर नहीं सोएं जहां बीम लटका हुआ द‌िखाई दे। कोई और भी आपके साथ कमरे में रहता है तो अपना ब‌िछावन दरवाजे के नजदीक रखें।

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