नई दिल्ली 
एनजीटी यानी नैशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल ने शुक्रवार को एक बड़ा फैसला लिया। एनजीटी ने हरिद्वार, ऋषिकेश आदि शहरों में गंगा किनारे बसे कस्बों में प्लास्टिक से बनी चीजों पर बैन लगा दिया है। इनमें प्लास्टिक कैरी बैग, प्लेट और कटलरी आदि चीजें शामिल हैं। 

एनजीटी चेयरपर्सन जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षाता वाली पीठ ने उत्तरकाशी तक इन चीजों की बिक्री, निर्माण और भंडारण पर भी बैन लगा दिया है। एनजीटी के इस आॅर्डर का उल्लंघन करने वालों पर 5,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त ऐक्शन भी लिया जाएगा।
 
निज़ामुद्दीन के पुल पर तो लोग प्लास्टिक फेंकते हैं देखने वाला कोई है नहीं और नोटिस बोर्ड लगा हुआ है कूड़ा फेंकने वालों पर 5,000/- रुपये जुर्माना, जिसे कोई नहीं वसूलता
 
एनजीटी ने आदेश करने से पहले इस बात का उल्लेख भी किया कि उसके पूर्व आदेश के बावजूद इन क्षेत्रों में प्लास्टिक की थैलियां इस्तेमाल की जा रही हैं। इससे गंगा नदी प्रदूषित हो रही है। ग्रीन पैनल पर्यावरणविद् एमसी मेहता की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। 

Source : Agency