नई दिल्‍ली
सुप्रीम कोर्ट ने जयप्रकाश एसोसिएट लिमिटेड को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने कंपनी के लिए 125 करोड़ रुपए जमा करने की समयसीमा बढ़ाकर 25 जनवरी, 2018 कर दी है। बता दें कि पहले यह समयसीमा 31 दिसंबर थी। कंपनी अभी तक शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री में 425 करोड़ रुपए जमा करा चुकी है और उसे 31 दिसंबर तक 125 करोड़ रुपए और जमा कराने थे। कंपनी इसके लिए दो महीने का समय चाहती थी।

1 फरवरी को होगी आगे की सुनवाई 
प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ की खंडपीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी के वक्तव्य पर विचार करने के बाद इस फर्म को 25 जनवरी तक का समय दे दिया। कोर्ट इस मामले में अब एक फरवरी को आगे सुनवाई करेगा। कंपनी ने मकान खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए कोर्ट के निर्देश का पालन करते हुए उसकी रजिस्ट्री में कल 150 करोड़ रुपए जमा कराए थे। कोर्ट ने 22 नवंबर को इस फर्म का 275 करोड़ रुपए का ड्राफ्ट स्वीकार करते हुए उसे दो किस्तों में 14 दिसंबर को 150 करोड़ रुपए तथा 31 दिसंबर तक 125 करोड़ रुपए और जमा कराने का निर्देश दिया था। इससे पहले, कोर्ट ने इस समूह के पांच प्रवर्तकों तथा आठ स्वतंत्र निदेशकों को अपनी और अपने परिवार के सदस्यों की निजी संपत्ति बेचने से रोक दिया था।

निदेशकों की विदेश यात्रा पर लगाई थी रोक
जय प्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड के निदेशकों ने कोर्ट में हलफनामे दाखिल कर अपनी निजी संपत्तियों का विवरण दिया था और अब उन्हें 10 जनवरी को कोर्ट में पुन: पेश होना है। कोर्ट ने 13 जनवरी को पूर्वानुमति के बगैर जेपी इन्फ्राटेक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और निदेशकों की विदेश यात्रा पर भी रोक लगा दी थी। कोर्ट ने जेपी इन्फ्राटेक लिमिटेड को अपना सारा रिकार्ड अंतरिम रिजोल्यूशन प्रफेशनल को सौंपने का आदेश दिया था ताकि वह 32,000 से अधिक मकान खरीदारों और देनदारों के हितों की रक्षा के संकेत देते हुए एक प्रस्ताव का मसौदा तैयार करें।     

Source : Agency