जबलपुर
मध्यप्रदेश विधानसभा के भूतपूर्व अध्यक्ष वयोवृद्ध कांग्रेस नेता श्रीनिवास तिवारी ने अपने विरुद्ध चल रहे प्रकरण को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी है। मामला साल 1993 से 2000 के बीच विधानसभा में हुई नियुक्तियों का है, जिसको लेकर तिवारी पर आरोप है कि यह नियुक्तियां नियम विरुद्ध ढंग से की गई हैं।

इस मामले पर भोपाल के जहांगीराबाद थाने में एफआईआर दर्ज कराने के बाद प्रकरण की ट्रायल भोपाल जिला कोर्ट में पहले से चल रही है। इसके विरुद्ध हाईकोर्ट पहुंचे श्रीनिवास तिवारी की याचिका पर जस्टिस एसके सेठ एवं जस्टिस अंजलि पॉलो की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार सहित विधानसभा को जवाब पेश करने निर्देश देते हुए 18 जनवरी को सुनवाई की तारीख मुकर्रर कर दी है। पूर्व विस अध्यक्ष की ओर से दायर याचिका में अधिवक्ता प्रकाश उपाध्याय ने पैरवी करते हुए कोर्ट को बताया कि संविधान की धारा 187 और 212 उन्हें संवैधानिक संरक्षण देता है। इसलिए उनके विरुद्ध न तो पुलिस थाने में एफआईआर की जा सकती है न ही वे कानूनी कार्रवाई की जद में आते हैं। विधानसभा अध्यक्ष के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई तभी की जा सकती है जबकि इसके लिए विधानसभा में चर्चा कर प्रस्ताव पास किया गया हो।

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