नई दिल्ली

सकती है. भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह भी शुक्रवार को संसद पहुंचे. शाह राज्यसभा सांसद के रूप में पहली बार संसद पहुंचे हैं. बता दें कि कांग्रेस पार्टी सदन में सरकार को घेरने की तैयारी में है. शाह इससे पहले गुजरात विधानसभा के पांच बार विधायक रहे हैं.

सरकार की कोशिश है कि वह अपने बिलों को जल्द पास करा सके. तो दूसरी तरफ विपक्ष के पास सरकार को घेरने के लिए मुद्दों की पूरी लिस्ट तैयार है. कांग्रेस ने मनमोहन सिंह के मुद्दे पर नोटिस दिया है. कांग्रेस पीएम मोदी के द्वारा किए गए कमेंट पर माफी की मांग कर सकती है.

मोदी बोले- सकारात्मक बहस हो

शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आम तौर पर दिवाली के साथ-साथ ठंड का मौसम भी बदल जाता है, लेकिन ग्लोबल वार्मिंग की वजह से अभी ठंड नहीं लग रही है. लेकिन शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है, 2017 में शुरू हुआ सेशन 2018 तक चलेगा. इसमें कई महत्वपूर्ण सरकार के कामकाज जो दूरगामी प्रभाव डालेंगे सदन में आएंगे.

उन्होंने कहा कि सदन में अच्छी, सकारात्मक बहस हो. जो देश के लिए अधिक कारगर साबित होगी. ऑल पार्टी मीटिंग में यही बात हुई है. मैं आशा करता हूं कि सकारात्मक रुप से सदन चलेगा.

क्या NDA प्रमुख बनेंगे शाह?

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह जल्द ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के संयोजक बन सकते हैं. 15 दिसंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान एनडीए संसदीय दल, जिसके नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, इसका फैसला ले सकता है. फैसला होने पर संसद में लालकृष्ण आडवाणी को अपना कमरा खाली करना पड़ सकता है.

गुजरात राज्यसभा से शाह की एंट्री

आपको बता दें कि 8 अगस्त को गुजरात राज्यसभा चुनाव के लिए वोट डाले गए थे. वोटिंग के बाद कांग्रेस ने रिटर्निंग ऑफिसर से अपनी पार्टी के दो बागी विधायकों के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी. जिसके बाद चुनाव आयोग ने दो विधायकों के वोट रद्द कर दिए थे.

चुनाव में कुल 176 वोट किए गए थे, जिनमें से 2 वोट रद्द होने के बाद 174 की काउंटिंग की गई थी. अहमद पटेल ने 44 वोट हासिल कर जीत दर्ज की. उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार बलवंत राजपूत को शिकस्त दी थी. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को 46 वोट मिले थे तो वहीं स्मृति ईरानी को भी 46 वोट मिले थे. जबकि बलवंत सिंह राजपूत को महज 38 वोट मिले थे.

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