नई दिल्ली
गिरते तापमान के बीच शुक्रवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र के काफी 'गरम' रहने के आसार हैं। सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने उम्मीद जताई है कि संसद में सकरात्मक बहस होगी जिससे देश को लाभ होगा। दूसरी तरफ विपक्ष ने भी अपने तेवर साफ कर दिए हैं। कांग्रेस ने कहा है कि पीएम मोदी को गुजरात चुनाव में 'पाकिस्तान' का इस्तेमाल करने के मुद्दे पर संसद में सफाई देनी होगी। इस बीच आज मोदी कैबिनेट की बैठक भी होनी है जिसमें तीन तलाक पर बिल को मंजूरी दी जाएगी। 5 जनवरी तक चलने वाले शीतकालीन सत्र में गुजरात और हिमाचल के चुनावी नतीजे सरकार और विपक्ष के तेवरों पर खासा असर डालेंगे।

सत्र के शांतिपूर्ण रहने की उम्मीद जताते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'आम तौर पर दिवाली के साथ-साथ ठंड का मौसम शुरू हो जाता है, लेकिन ग्लोबल वॉर्मिंग और क्लाइमेट चेंज के चलते ठंड अभी भी ठीक से नहीं आई है। हमारा विंटर सेशन आज से शुरू हो रहा है। 2017 में शुरू हो रहा सत्र 2018 तक चलेगा। इसमें सरकार के कई अहम कामकाज होंगे, जो दूरगामी प्रभाव पैदा करने वाले हैं। अच्छी बहस हो, सकरात्मक बहस हो। इनोवेटिव सुझावों के साथ बहस हो तो संसद के समय का उपयोग देश के लिए कारगर होगा। कल सर्वदलीय बैठक में भी तय हुआ कि देश को आगे बढ़ाने की दिशा में सदन का सत्र चलेगा। देश लाभान्वित होगा।'

प्रधानमंत्री ने विपक्ष से सहयोग की अपील की है, लेकिन कांग्रेस के तेवर आक्रामक हैं। कांग्रेस पहले ही आरोप लगा चुकी है कि सरकार ने सत्र में कटौती इसलिए की कि वह उसके तीखे आरोपों का असर गुजरात चुनाव पर नहीं पड़ने देना चाहती थी। इसके आलावा विपक्ष राफेल विमानों की खरीद, किसानों की बदहाली, गुजरात चुनाव प्रचार में पाकिस्तान को घसीटने और जीएसटी के सवाल पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने गुजरात चुनाव में 'पाकिस्तान' के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा। उन्होंने कहा, 'पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री, पूर्व उपराष्ट्रपति और नौकरशाहों पर गुजरात चुनाव के लिए पाकिस्तान के साथ साजिश का आरोप लगाया है। प्रधानमंत्री को संसद में इस पर सफाई जरूर देनी चाहिए।'
 
इस सत्र में कुल 14 कार्यदिवस होंगे। पहले दिन लोकसभा में दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद कार्यवाही स्थगित कर दी जाएगी। गुजरात में अगर परिणाम बीजेपी के विरोध में आया तो पहले से ही हमलावर विपक्ष और आक्रामक हो सकता है, लेकिन अगर यह बीजेपी के पक्ष आया में तो सरकार विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों की अनदेखी कर सकती है।

विपक्ष के पास सरकार के घेरने के लिए कई मुद्दे हैं। राफेल लड़ाकू विमान को लेकर कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार 37 विमानों की खरीदारी काफी ऊंचे दामों पर कर रही है। यूपीए ने 526 करोड़ रुपये में एक विमान खरीदने का सौदा तय किया था जबकि एनडीए सरकार इसके लिए 1570 करोड़ रुपये देने पर राजी है। इसके अलावा जीएसटी को लेकर भी विपक्ष हमलावर रुख अपना सकता है। इसके अलावा कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राहुल गांधी ने महिला आरक्षण बिल को पास कराने की बात कहकर कमजोर पड़ रहे एक जरूरी राष्ट्रीय अजेंडे की याद दिलाई है।

सरकार के सामने कई अहम बिलों को पास कराने की चुनौती भी है। इनमें प्रमुख हैं फाइनैंशल रेजॉलूशन ऐंड डिपॉजिट इंश्योरेंस (एफआरडीआई) बिल, इन्सॉल्वेंसी ऐंड बैंकरप्सी कोड संशोधन बिल, फॉरेस्ट संशोधन बिल, नागरिकता संशोधन विधेयक 2016, मोटरवाहन संशोधन विधेयक 2016, ट्रांसजेंडर व्यक्ति अधिकार संरक्षण विधेयक आदि। सरकार की कोशिश होगी कि तीन तलाक से संबंधित बिल इसी सत्र में पेशकर उसे पारित कराया जाए। जीएसटी में हुए बदलाव को कानूनी जामा पहनाने के लिए संशोधन पेश किए जाएंगे।

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