नई दिल्ली
तृणमूल कांग्रेस से निलंबित नेता मुकुल रॉय ने बीजेपी ज्वाइन कर लिया है. लंबे समय तक पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बेहद करीबी रहे मुकुल रॉय ने पिछले महीने दुर्गा पूजा से ठीक पहले पार्टी छोड़ने का ऐलान किया था. इसके बाद पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया था. मुकुल रॉय ने ममता बनर्जी के साथ मिलकर तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की थी. बीजेपी ज्वाइन करने के बाद मुकुल रॉय ने 'सिद्धांतों की कमी' के कारण उन्हें पार्टी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा. रॉय ने कहा कि उन्होंने अभी अपने भविष्य के बारे में फैसला नहीं किया है. उन्होंने कहा, 'पार्टी के पास कुछ सिद्धांत होने चाहिए. कभी तृणमूल कांग्रेस बीजेपी के साथ हो जाती है, कभी कांग्रेस के साथ आ जाती है.'

रॉय ने कहा, 'हमलोग एक बार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का हिस्सा थे और हमने बीजेपी से हाथ मिलाया था. अब पार्टी को लगने लगा है कि कांग्रेस के बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता. इन सब वजहों से मुझे पार्टी छोड़ने को मजबूर होना पड़ा.'

उन्होंने कहा, 'हमलोगों ने कांग्रेस शासन से लड़ने के लिए राजनीतिक पार्टी बनाई थी. यही वजह थी जिस कारण तृणमूल कांग्रेस का जन्म हुआ था. अगर हम यह सोचते हैं कि देश अब बिना कांग्रेस के नहीं चल सकता तो मुझे लगता है दोनों पार्टियों का विलय हो जाना चाहिए.' रॉय ने कहा कि वह सभी पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व के साथ संपर्क में हैं और उन्होंने कहा कि वह दिवाली के बाद अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में निर्णय लेंगे.

पार्टी में ममता बनर्जी के बाद कभी नंबर दो की हैसियत रखने वाले राय ने कहा कि सभी को 'पार्टी में साथी होना चाहिये, नौकर नहीं. लेकिन व्यक्ति केंद्रित पार्टी ऐसे काम नहीं करतीं.' बीजेपी में जाने के कयासों के बीच राय ने कहा कि 1998 में जब तृणमूल कांग्रेस का पश्चिम बंगाल में भगवा पार्टी से सीटों को लेकर तालमेल था तब उसके नेतृत्व ने कहा था कि बीजेपी सांप्रदायिक नहीं है.

Source : Agency