नई दिल्ली
'अमेठी जीता जा सकता है' गांधी फैमिली के गढ़ में बीजेपी ने यह बड़ा संदेश दिया है। उत्तर प्रदेश बीजेपी के सीनियर नेताओं का ऐसा मानना है। पिछले 8 महीने में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह 2 बार अमेठी का दौरा कर चुके हैं। स्मृति इरानी 3 बार यहां आ चुकी हैं। प्रदेश बीजेपी के एक सीनियर नेता ईटी को बताया, 'राहुल गांधी पिछले 8 महीने से अमेठी नहीं आए थे। हमारे पार्टी अध्यक्ष के दौरा तय होने के बाद वह इस महीने के शुरू में त्योहार के बीच 3 दिनों के दौरे पर यहां आए। गांधी जानते हैं कि अमेठी के लोग उनसे नाराज हैं और बीजेपी इसका फायदा उठाएगी। अमेठी अब बीजेपी के लिए अजेय नहीं है। हमें यहां बड़ा मौका नजर आ रहा है।'

बीजेपी की इस रणनीति से राहुल को 2019 के लोकसभा चुनावों की गतिविधियों को भी सीमित किया जा सकेगा जो कांग्रेस से प्रधानमंत्री पद के दावेदार हो सकते हैं। राज्य बीजेपी के एक और नेता ने बताया, '2014 के चुनावों में राहुल पहली बार चुनाव के दिन अमेठी में मौजूद थे। उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बावजूद उनकी जीत का मार्जिन पिछले चुनाव के मुकाबले काफी कम हो गया। यह पहला मौका था जब बीजेपी ने राहुल को अपनी सीट पर कमजोर किया।'

इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनावों में पहली बार बीजेपी ने 5 में से 4 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की। बीजेपी नेता का कहना था, 'संजय सिंह की विरासत को कमजोर कर रानी गरिमा सिंह ने अमेठी विधानसभा सीट पर जीत हासिल की। यह बीजेपी की तरफ से मजबूत और भावनात्मक संदेश था जिसके दूरगामी नतीजे होंगे।' संजय सिंह ने 1998 में बीजेपी के लिए अमेठी सीट जीती थी। इससे पहले यह एकमात्र मौका था जब बीजेपी को इस सीट पर जीत हासिल हुई थी। उस वक्त इसे बीजेपी से ज्यादा सिंह की जीत माना जा रहा था।

 

 

 

 

 

 

 

 

यह पूछे जाने पर क्या अगले चुनाव में राहुल गांधी को अमेठी तक सीमित करने के लिए यह रणनीति बनाई जा रही है? बीजेपी के एक सीनियर नेता ने बताया, 'हमें पूरा भरोसा है कि हम 2019 में राहुल को अमेठी से सांसद नहीं बनने देंगे। हमारा फोकस अमेठी पर है। वहां हमारी गतिविधियां ज्यादा हैं। जाहिर तौर पर राहुल को भी अपनी गतिविधियां बढ़ानी होंगी और 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान अपने लोकसभा क्षेत्र में ज्यादा वक्त देना होगा।'

वरिष्ठ बीजेपी नेता के मुताबिक, 'बीजेपी बूथ कमिटी और मैनेजमेंट पर फोकस करने के अलावा अमेठी में केंद्रीय नेताओं का दौरा भी बढ़ाएगी।' उन्होंने बताया, 'हम उन सभी सीटों के लिए ऐसा कर रहे हैं, जिन पर हम 2014 के चुनावों में हारे थे। यूपी में मुख्य ध्यान अमेठी, राय बरेली, आजमगढ़ और मैनपुरी पर है जिन पर गांधी और यादव फैमिली का लंबे समय से कब्जा है। हमारा मकसद इन सभी सीटों पर जीत हासिल करना है।'

Source : Agency