फेसबुक मैसेंजर किड्स एप में सामने आई बड़ी गड़बड़ी, बच्चे अनजान लोगों से कर सकते थे चैट

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सोशल मीडिया साइट फेसबुक की एक बड़ी खामी सामने आई है। यह गलती फेसबुक के किड्स मैसेंजर एप में मिली है। इस एप में बच्चे केवल उन्हें फेसबुक यूजर्स से चैट कर सकते थे, जिन्हें उनके पैरेंट्स ने अप्रूव किया हो। लेकिन इस एप के ग्रुप चैट सेक्शन में बच्चे अनजान लोगों से भी चैट कर सकते थे, और इसके लिये उन्हें पैरेंट्स के अप्रूवल की जरूरत नहीं है।

2017 में की थी लॉन्च

फेसबुक ने 2017 में अपने प्लेटफॉर्म पर बच्चों को सुरक्षित माहौल देने के लिये फेसबुक मैसेंजर किड्स एप लॉन्च की थी। 13 साल से कम उम्र वाले बच्चों को ध्यान में रखते हुए यह एप लॉन्च की गई थी। द वर्ज में छपी रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक ने इसे टेक्निकल एरर बताते हुए सभी पैरेंट्स को नोटिफिकेशन भेजा है। जिसमें कहा गया है कि यह गलती पकड़ में आने के बाद वह ग्रुप चैट को डिसेबल कर रहा है। फेसबुक का कहना है कि हम जल्दी ही इस तकनीकी खामी को ठीक कर लेंगे।

पैरेंट्स के पास होते हैं राइट्स

मैसेंजर किड्स असल में वीडियो और मैसेंजिग चैट है, जिसे पैरेंट्स की अनुमति के बाद परिजनों और दोस्तों के साथ चैट की जा सकती है। इस एप में पैरेंट्स अपने फेसबुक अकाउंट के जरिये चाइल्ड मैसेंजर किड्स अकाउंट को मैनेज और सेटअप कर सकते हैं।

विशेषज्ञों ने किया था विरोध

इससे पहले 100 से ज्यादा बाल स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को सार्वजनिक पत्र लिख कर मैसेंजर किड्स एप को बंद करने की गुजारिश की थी। कानूनविदों और विशेषज्ञों के विरोध के बाद फेसबुक ने इस साल फऱवरी में अपनी एप ‘LOL’ को नहीं बनाने का फैसला किया था, जिसमें बच्चे मनोरंजक पोस्ट शेयर कर सकते थे।    

सोशल मीडिया साइट फेसबुक की एक बड़ी खामी सामने आई है। यह गलती फेसबुक के किड्स मैसेंजर एप में मिली है। इस एप में बच्चे केवल उन्हें फेसबुक यूजर्स से चैट कर सकते थे, जिन्हें उनके पैरेंट्स ने अप्रूव किया हो। लेकिन इस एप के ग्रुप चैट सेक्शन में बच्चे अनजान लोगों से भी चैट कर सकते थे, और इसके लिये उन्हें पैरेंट्स के अप्रूवल की जरूरत नहीं है।

2017 में की थी लॉन्च

फेसबुक ने 2017 में अपने प्लेटफॉर्म पर बच्चों को सुरक्षित माहौल देने के लिये फेसबुक मैसेंजर किड्स एप लॉन्च की थी। 13 साल से कम उम्र वाले बच्चों को ध्यान में रखते हुए यह एप लॉन्च की गई थी। द वर्ज में छपी रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक ने इसे टेक्निकल एरर बताते हुए सभी पैरेंट्स को नोटिफिकेशन भेजा है। जिसमें कहा गया है कि यह गलती पकड़ में आने के बाद वह ग्रुप चैट को डिसेबल कर रहा है। फेसबुक का कहना है कि हम जल्दी ही इस तकनीकी खामी को ठीक कर लेंगे।

पैरेंट्स के पास होते हैं राइट्स

मैसेंजर किड्स असल में वीडियो और मैसेंजिग चैट है, जिसे पैरेंट्स की अनुमति के बाद परिजनों और दोस्तों के साथ चैट की जा सकती है। इस एप में पैरेंट्स अपने फेसबुक अकाउंट के जरिये चाइल्ड मैसेंजर किड्स अकाउंट को मैनेज और सेटअप कर सकते हैं।

विशेषज्ञों ने किया था विरोध

इससे पहले 100 से ज्यादा बाल स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को सार्वजनिक पत्र लिख कर मैसेंजर किड्स एप को बंद करने की गुजारिश की थी। कानूनविदों और विशेषज्ञों के विरोध के बाद फेसबुक ने इस साल फऱवरी में अपनी एप ‘LOL’ को नहीं बनाने का फैसला किया था, जिसमें बच्चे मनोरंजक पोस्ट शेयर कर सकते थे।    

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