नासा ने कहा- चांद पर मानवनिर्मित 796 आइटम मौजूद, 765 केवल अमेरिकी मिशनों में छोड़े गए

  • नासा ने एक मैप भी जारी किया, इसमें उन स्थानों को दिखाया गया जहां बड़े आइटम मौजूद
  • 1960 के दशक में भेजा गया लूनर ऑर्बिटर पहला यान था जिसने चांद के धरातल की तस्वीर भेजी
  • 1969 से 72 के दौरान मानव ने केवल छह बार चांद की धरती पर कदम रखा

Dainik Bhaskar

Jul 24, 2019, 07:34 AM IST

वॉशिंगटन. धरती पर शायद ही कोई जगह हो, जहां इंसान ने गंदगी न छोड़ी हो। चांद भी इससे अछूता नहीं है। नासा ने कहा है कि चंद्रमा की जमीन पर 796 मानवनिर्मित आइटम छोड़े गए हैं, जिनमें से 765 (96%) अमेरिकी मिशनों के दौरान छूटे। हालांकि अंतरिक्ष एजेंसी ने यह भी कहा कि हम यह नहीं कह सकते कि ये आइटम चंद्रमा पर कहां हैं। लेकिन इतना तय है कि आइटम वहां हैं जरूर। नासा ने एक मैप भी जारी किया है, इसमें उन स्थानों को दिखाया गया, जहां बड़े आइटम मौजूद हैं।

स्पेसक्राफ्ट ने खींची तस्वीरें

  1. अमेरिका ने 1960 के दशक में रेंजर स्पेसक्राफ्ट के कई मानवरहित मिशन भेजे थे। हालांकि इसमें असफलता मिली। रेंजर 4, 5, 6, 7, 8 और 9 चांद की सतह से टकराकर क्रैश हो गए, जबकि रेंजर 3 भटककर चांद की अन्य कक्षा में चला गया। इसके बाद लूनर ऑर्बिटर भेजा गया। इसने उन स्थानों की कई तस्वीरें भेजीं, जहां पहली बार मानव को उतारा जाना बेहतर होता।

  2. सर्वेयर प्रोग्राम को चांद की धरती के हिसाब से डिजाइन किया गया था। यह भी 60 के दशक के उत्तरार्ध में लॉन्च किया गया। इसने पता लगाया कि अपोलो मिशनों की लैंडिंग कहां हो सकती है। साथ ही सर्वेयर ने चांद की भू-आकृति का डेटा भी जुटाया।

  3. 2009 में नासा ने लूनर क्रेटर ऑब्जर्वेशन एंड सेंसिंग सैटेलाइट (एलसीआरओेएसएस) भेजा। इसने चांद पर पानी के बर्फ रूप में मौजूद होने की जानकारी दी। जानकारी के मुताबिक, चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव के पास स्थित क्रेटरों में बर्फ मौजूद हो सकती है।

  4. 1969 से 72 के दौरान मानव ने केवल छह बार चांद की धरती पर कदम रखा। लेकिन इस दौरान कई चीजें चांद के धरातल पर छोड़ी गईं। ये चीजें कहां हैं, इन जगहों के बारे में जानकारी नहीं है। मैप पर हर बिंदु एक आइटम को रिप्रेजेंट करता है लेकिन इसे स्केल (पैमाना) नहीं बनाया जा सकता। बिंदु चंद्र पृष्ठभूमि पर अधिक स्थान लेते हैं, जितना उन्हें चाहिए। लेकिन यह कम से कम आपको यह अहसास दिलाएगा कि हम कितनी चीजें वहां छोड़ आए हैं।

  5. चांद पर छोड़ी जाने वाले अधिकांश आइटम सभी मिशनों के लिए सामान्य थे। उन्होंने लगभग सभी पोर्टेबल लाइफ सपोर्ट सिस्टम को पीछे छोड़ दिया, जो अंतरिक्षयात्रियों को अपने स्पेससूट के अंदर जीवित रखता था।

  6. अपोलो-17 के अंतरिक्षयात्री रिस्ट मिरर चंद्रमा पर छोड़कर आए। यह सोलर पावर्ड फ्लैशलाइट की तरह होता है। इसकी धरती पर उपयोगिता काफी कम होती है। इसके अलावा एस्ट्रोनॉट्स ने चंद्रमा पर साबुन, एंटी-बैक्टीरियल क्रीम, हाईजीन किट भी छोड़ दी।

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