देवेगौड़ा-कुमारस्वामी ने बैठक में गठबंधन सरकार पर चर्चा की; कांग्रेस विधायक दल की मीटिंग 9 जुलाई को

  • एक हफ्ते में कांग्रेस-जेडीएस के 12 विधायकों का इस्तीफा; जेडीएस के बागी विधायक का दावा- 14 का इस्तीफा हुआ
  • माना जा रहा है कि गठबंधन सरकार को बचाने के लिए कुमारस्वामी इस्तीफा दे सकते हैं
  • कांग्रेस ने विधायक दल की बैठक के लिए जारी सर्कुलर में कहा- गैरहाजिर रहने वाले सदस्यों पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा

Dainik Bhaskar

Jul 07, 2019, 10:30 PM IST

बेंगलुरु. 13 महीने पुरानी गठबंधन सरकार को लेकर होटल ताज वेस्ट एंड में रविवार शाम बैठक हुई। इसमें एचडी देवेगौड़ा, सीएम कुमारस्वामी और डिप्टी सीएम जी परमेश्वर के अलावा कांग्रेस नेता भी मौजूद थे। बैठक से पहले कुमारस्वामी के मंत्री जीटी देवेगौड़ा ने कहा कि अगर समन्वय समिति सिद्धारमैया को सीएम बनाती है तो हमें आपत्ति नहीं है। माना जा रहा है कि कांग्रेस-जेडीएस के 12 विधायकों के इस्तीफे के बाद जारी राजनीतिक अस्थिरता को रोकने के लिए स्वामी इस्तीफा दे सकते हैं और कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे गठबंधन सरकार में नए मुख्यमंत्री बन सकते हैं।

 

न्यूज एजेंसी ने कांग्रेस सूत्रों के हवाले से बताया कि जेडीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एचडी देवगौड़ा ने यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी को यह सुझाव दिया है कि गठबंधन सरकार बचाने के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।

 

कांग्रेस ने 9 जुलाई को अपने विधायकों की बैठक बुलाई

भाजपा ने कांग्रेस-जेडीएस विधायकों के इस्तीफे को कांग्रेस का ड्रामा बताया। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, कांग्रेस लालची सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री बनाने के लिए यह ड्रामा रच रही है। इस बीच कांग्रेस ने 9 जुलाई को विधायक दल की बैठक बुलाई है। सर्कुलर में कहा गया है कि इसमें शामिल ना होने वाले विधायकों पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा।  

 

‘खड़गे को समर्थन देने के लिए जेडीएस तैयार’

कांग्रेस-जेडीएस विधायकों के इस्तीफे के बाद देवगौड़ा ने शनिवार रात सोनिया गांधी से बात कर भाजपा को सत्ता से दूर रखने क लिए खड़गे को समर्थन देने की बात कही। सूत्रों ने बताया कि सोनिया गांधी ने रात में ही पार्टी की कोर समिति की बैठक बुलाई और इसमें गौड़ा के सुझाव पर विचार किया। बैठक में खड़गे को कर्नाटक भेजने का फैसला किया गया ताकि राज्य में गठबंधन सरकार को बचाया जा सके।

 

कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन अपवित्र- भाजपा

केंद्रीय मंत्री जोशी ने कहा कि यह अपवित्र गठबंधन है। कांग्रेस कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री पद से हटाने के लिए यह कर रही है। वहीं, विधायकों के इस्तीफे के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ होने के आरोप पर जोशी ने कहा, यह गलत है। कांग्रेस पार्टी के पास कोई नेता नहीं बचा है। 

 

विधायकों का इस्तीफा ऑपरेशन कमल का हिस्सा- सिद्धारमैया

विधायकों के इस्तीफों को कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने भाजपा की चाल बताया। सिद्धारमैया ने कहा, ‘यह साफ है कि इन सभी के पीछे भाजपा ही है। यह ऑपरेशन कमल का हिस्सा है। चिंता की कोई बात नहीं, सबकुछ ठीक है। यहां कर्नाटक सरकार को कोई खतरा नहीं है।’

 

इन सबके बीच कांग्रेस नेता और राज्य सरकार में मंत्री डीके शिवकुमार ने जेडीएस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा से उनके आवास पर पहुंचकर मुलाकात की। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक हालातों पर चर्चा हुई। वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं की मांग है कि कांग्रेस विधायक अपना इस्तीफा वापस लें।

 

जेडीएस विधायक ने 14 इस्तीफों का दावा किया

शनिवार को कांग्रेस के 8 और जेडीएस के 3 विधायकों से इस्तीफा दिया था। इससे पहले सोमवार को कांग्रेस विधायक आनंद सिंह ने इस्तीफा दिया था। हालांकि, जेडीएस के बागी विधायक एच विश्वनाथ ने आनंद सिंह समेत 14 विधायकों के इस्तीफा का दावा किया था। जेडीएस विधायक एच विश्वनाथ ने कहा था, ”अब तक 14 विधायक सरकार से इस्तीफा दे चुके हैं। हम राज्यपाल से भी मिले हैं। हमने स्पीकर को इस्तीफा स्वीकार करने को लिखा है। उन्होंने इस पर मंगलवार तक फैसला लेने के लिए कहा है। गठबंधन सरकार कर्नाटक के लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी।”

 

स्पीकर रमेश कुमार सभी विधायकों के इस्तीफे स्वीकार करते हैं, तो कुमारस्वामी सरकार अल्पमत में आ जाएगी। कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी अमेरिका से लौट आए हैं।

 

विधानसभा में तय होगा, सरकार गिरेगी या नहीं- स्पीकर
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, शनिवार को स्पीकर रमेश कुमार विधायकों के पहुंचने से पहले ही विधानसभा से बाहर निकल गए थे। इस पर रमेश कुमार ने कहा कि मुझे अपनी बेटी को लेना था, इसलिए घर चला गया। मैंने अपने ऑफिस में बोल दिया था कि विधायकों का इस्तीफा रख लें और मुझे बता दें। 11 सदस्यों ने इस्तीफा सौंपा है। रविवार को छुट्टी है, सोमवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम हैं। इसलिए मंगलवार को ही मामला देख पाऊंगा। सरकार गिरेगी या नहीं इसका फैसला विधानसभा में ही होगा।

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