विश्व विजेता पूर्व कप्तान कपिल देव के लिए बदलेगा कानून, बनेंगे खेल विश्वविद्यालय के कुलाधिपति

Publish Date:Tue, 23 Jul 2019 09:40 PM (IST)

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के पहले और देश के चौथे खेल विश्वविद्यालय के कुलाधिपति (चांसलर) की नियुक्ति के लिए प्रदेश सरकार कानून बदलेगी। हरियाणा में पहली बार राज्यपाल के बजाय खेल से जुड़ी किसी हस्ती को कुलाधिपति बनाया जाएगा, जबकि राज्यपाल संरक्षक की भूमिका में रहेंगे। वहीं, कुलपति (वाइस चांसलर) की भी अलग से नियुक्ति होगी। खेल विश्वविद्यालय के पहले कुलाधिपति के रूप में पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर व पदम भूषण कपिल देव की ताजपोशी तय है।

खेल विश्वविद्यालय का विधेयक आगामी दो अगस्त से शुरू होने वाले मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। किसी तरह की तकनीकी या कानूनी अड़चन नहीं आई तो सरकार यूनिवर्सिटी में वाइस चांसलर के साथ ही चांसलर की भी नियुक्ति करेगी। इसके लिए सरकार कानून में बदलाव के लिए भी तैयार है।

प्रदेश की सभी सरकारी और सहायता प्राप्त यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति राज्यपाल ही हैं, लेकिन खेल विवि के मामले में सरकार नई परंपरा शुरू करेगी। कुलाधिपति और कुलपति के चयन पर विचार-विमर्श शुरू कर दिया गया है। विधानसभा में विधेयक पारित होते ही इनके चयन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

खेल विवि राई के लिए सरकार कपिल देव के संपर्क में है। कुलपति पद के लिए भी किसी नामचीन खिलाड़ी का चयन किया जाएगा। आइएएस-आइपीएस या दूसरे प्रशासनिक अधिकारियों या शिक्षाविदों के बजाय इस यूनिवर्सिटी की कमान पूरी तरह से खेलों के जानकार लोगों के हाथों में होगी।

सोनीपत के राई में चल रहे मोतीलाल नेहरू स्कूल ऑफ स्पो‌र्ट्स कैंपस में ही यूनिवर्सिटी की स्थापना होगी। खेल स्कूल के पास साढ़े 350 एकड़ जमीन है, जिस पर यूनिवर्सिटी आसानी से स्थापित हो सकती है। लगभग 630 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस यूनिवर्सिटी को सरकार जल्द शुरू करना चाहती है। यह यूनिवर्सिटी राज्य के खेल एवं युवा मामले मंत्री अनिल विज का ड्रीम प्रोजेक्ट रही है।

खेल एवं युवा मामले के मंत्री अनिल विज ने कहा कि मानसून सत्र में ही खेल विवि का विधेयक पारित कर दिया जाएगा। सैद्धांतिक तौर पर यूनिवर्सिटी में कुलाधिपति और कुलपति की नियुक्ति का फैसला लिया गया है। राज्यपाल संरक्षक की भूमिका में रहेंगे। कानून में इस तरह के प्रावधान हैं। कुलाधिपति के लिए कपिल देव के नाम पर चर्चा हुई है, लेकिन अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। कुलाधिपति और कुलपति के चयन के लिए हाई लेवल चयन कमेटी गठित होगी।

Posted By: Sanjay Savern

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